UP निकाय चुनाव : हाईकोर्ट ने तारीखों के एलान पर लगाई रोक, ओबीसी आरक्षण पर माँगा जवाब
यूपी निकाय चुनाव की तारीखों के एलान पर बड़ा पेंच फंस गया है। माना जा रहा था कि अगले 2-3 दिन में चुनाव आयोग नगर निकाय चुनाव की तारीखों का एलान कर सकता था। लेकिन आज हाई कोर्ट ने इस एलान पर रोक लगा दी है।

यूपी निकाय चुनाव की तारीखों के एलान पर बड़ा पेंच फंस गया है। माना जा रहा था कि अगले 2-3 दिन में चुनाव आयोग नगर निकाय चुनाव की तारीखों का एलान कर सकता था। लेकिन आज हाई कोर्ट ने इस एलान पर रोक लगा दी है। मामला ओबीसी रिजर्वेशन से जुड़ा हुआ है। आरक्षण को लेकर कुछ लोगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की हैं। जिस पर सोमवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई की। सुनवाई के बाद उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव की तारीख का ऐलान करने पर रोक लगा दी गई है। मंगलवार को भी हाईकोर्ट इस जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा।

निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
दरअसल, उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव होने हैं। इसके लिए करीब 10 दिन पहले राज्य सरकार ने नगर पालिका, नगर निगम और नगर पंचायतों के वार्डों का आरक्षण जारी किया था। जिस पर आपत्तियां मांगी गई थीं। वार्डों आरक्षण पर आपत्तियां जाहिर करते हुए कुछ लोगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इन लोगो का कहना है कि नगर विकास विभाग ने गलत तरीके से आरक्षण जारी किया है।
वही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई की। याचिका में यह भी मांग की गई है कि जब तक आरक्षण से जुड़ी आपत्तियों का निस्तारण ना कर दिया जाए, तब तक निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं होना चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की इस बात को मानते हुए निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने कहा है कि मामले में मंगलवार को सुनवाई की जाएगी। आरक्षण को लेकर आपत्ति जाहिर करने वाले लोग सोमवार की रात 12:00 बजे तक वार्डों के आरक्षण पर आपत्ति दाखिल करें। मंगलवार को सुनवाई पूरी करने के बाद तारीखों के ऐलान पर हाईकोर्ट फैसला लेगा।

हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव ने ओबीसी को आरक्षण के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए सरकार से जवाब मांगा है। तो वहीं हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में ओबीसी को आरक्षण देने के नियमों का पूरा ब्यौरा कल पेश किया जाएगा। इसके बाद मामले की सुनवाई होगी। अटकलें लगाई जा रही थीं कि 2-3 दिनों के भीतर नगर निकाय चुनाव की घोषणा हो सकती है।
दरअसल, 17 नगर निगम में मेयर पद के लिए 2 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई हैं और इसमें 2 सीटों में एक सीट महिला के लिए रिजर्व की गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश नगर निगम में 4 सीटें पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं और इसमें 2 सीटें महिला के लिए भी रिजर्व रखी गई हैं। बात दें कि यूपी में 200 नगर पालिका परिषद की सीटें हैं। इसमें अनुसूचित जाति के लिए 27 सीटें आरक्षित हैं, जबकि पिछड़ा वर्ग के लिए 54 आरक्षित हैं, इसमें 79 सीटें सीटें अनारक्षित हैं तो वहीं महिला के लिए 40 सीटें आरक्षित की गई हैं।












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