शिक्षिका अनामिका शुक्ला केस: प्रियंका गांधी का योगी सरकार पर हमला, कहा- ये इंतिहा है भ्रष्टाचार की
लखनऊ। अनामिका शुक्ला का नाम उत्तर प्रदेश में इन दिनों खासा चर्चाओं में है। इसकी वजह है कि वो एक नहीं, बल्कि कई स्कूलों में एक साथ ड्यूटी कर रही थी। यही नहीं, वो सरकार से तनख्वाह भी ले चुकी थी। साइंस टीचर के इस कारनामें से हर कोई हैरान और परेशान है तो वहीं, अब इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है। वहीं, दूसरी तरफ असली अनामिका शुक्ला गोंडा के बीएसए ऑफिस पहुंची। बताया कि उन्होंने आज तक नौकरी नहीं की है। उसके शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का किसी ने गलत इस्तेमाल किया है। वह निर्दोष है और बेरोजगार है। उधर अनामिका शुक्ला प्रकरण में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर हमला बोला है।

ये इंतिहा है भ्रष्टाचार की
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने लिखा, 'ये इंतिहा है भ्रष्टाचार की। यूपी सरकार को अनामिका शुक्ला के घर जाकर उनके पूरे परिवार से माफी मांगनी चाहिए। गरीबी की पीड़ा झेल रही अनामिका शुक्ला को पता भी नहीं था उसके नाम पर ये चल रहा है। यूपी सरकार और उनके शिक्षा विभाग की नाक के नीचे चल रही लूट की व्यवस्था ने एक साधारण महिला को अपना शिकार बनाया। ये चौपट राज की हद है।'
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अनामिका को मिलना चाहिए न्याय: प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने दूसरा ट्वीट करते करते हुए तीन मांगे रखी है। उन्होंने लिखा, 'अनामिका को न्याय मिलना चाहिए। उन्हें मानहानि का मुआवजा दिया जाए, उन्हें सरकारी नौकरी दी जाए और पूरे परिवार को तुरंत सुरक्षा व्यवस्था दी जाए।' दरअसल अनामिका शुक्ला के दस्तावेज पर प्रदेश के कई जनपदों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कई लोगों की नौकरी चल रही थी। पता चला है कि अनामिका शुक्ला असल में गोंडा जिले की ही रहने वाली है। अनामिका शुक्ला ने गोंडा में ही पढ़ाई पूरी की और यहीं पर उसकी शादी भी हुई। वह अपने पति और बच्चे के साथ रह रही है।

शैक्षिक अभिलेखों को फर्जी ढंग से इस्तेमाल किया गया
अनामिका शुक्ला ने गोंडा के कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज रेलवे कॉलोनी से हाईस्कूल पास किया था। इसके बाद बेनी माधव जंग बहादुर इंटर कॉलेज परसपुर से इंटरमीडिएट किया और स्नातक की डिग्री बीएससी श्री रघुकुल महिला विद्यापीठ सिविल लाइन से ली। इसके आगे अनामिका ने बीएड आदर्श कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय जियापुर बरुवा जलाकी टांडा अंबेडकर नगर से किया और टीईटी परीक्षा नियामक प्राधिकारी उत्तर प्रदेश 23 एलनगंज इलाहाबाद से पास की। अनामिका शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2017 में नौकरी के लिए आवेदन जरूर किया था, लेकिन बच्चा छोटा होने की वजह से उसने नौकरी ज्वाइन ही नहीं की थी। बीएसए ने बताया कि अनामिका शुक्ला की ओर से इस आशय का शपथ पत्र दिया गया है कि उसके शैक्षिक अभिलेखों को फर्जी ढंग से इस्तेमाल किया गया।

क्या बोले बीएसए इंद्रजीत प्रजापति
बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति ने बताया कि अनामिका शुक्ला खुद सामने आई हैं। अनामिका शुक्ला गोंडा जिले की ही रहने वाली है और यहीं उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई है। उनके नाम पर अन्य जनपदों में नौकरी किए जाने की जानकारी पर वह खुद अपने डाक्यूमेंट्स लेकर पहुंचीं। हमारे पास एसपीओ आफिस से जो डाक्यूमेंट्स आए थे उस डॉक्यूमेंट से मिलान किया तो उसमें कुछ डिफर पाया गया। साइन कुछ स्कैन किए गए हैं, बाकी नंबर और रोल नंबर सब कुछ वही हैं। डॉक्यूमेंट बिल्कुल स्कैन किया गया। बीएसए के मुताबिक, अनामिका शुक्ला ने बताया कि जौनपुर, सुल्तानपुर, लखनऊ में कस्तूरबा गांधी विद्यालय में विज्ञान शिक्षिका के लिए उन्होंने एप्लाई किया था। वहीं से डॉक्यूमेंट की फोटोस्टेट कॉपी कुछ मिली हैं और वहीं से कुछ गलत इस्तेमाल किया गया है।












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