मुरादाबाद के बंदर बने रॉबिन हुड: पचास हजार चुराकर गांव पर बरसा दिये

पिछले वर्ष नखाशा की राठौर रोड पर 42 बंदर मरे पाए गये थे, पुलिस के अनुमान के मुताबिक बंदरों को जहर दिया गया था। कारणों की जांच के लिए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एफआईआर भी दर्ज की थी।
मुरादाबाद के कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां बंदरों की अधिक संख्या है और ये अक्सर लोगों की मुश्किलों का सबब बनते रहते हैं।












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