पीएम ऐसी छिछोरी बात करेंगे इसकी उम्मीद नहीं थी- मायावती
मायावती ने पीएम मोदी के नोट की माला पर दिए बयान पर बोला हमला, बोलीं पीएम ऐसी छिछोरी बात करेंगे इसकी उम्मीद नहीं थी।
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर से हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पीएम ने गाजीपुर की रैली में पूरा भाषण थोथा चना बाजे घना रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम दो साल तक कुंभकरण की तरह सोते रहे और अब जनता ध्यान हटाने के लिए हवा-हवाई घोषणा कर रहे हैं।

पीएम ने की छिछोरी बात
बीएसपी के लोग काली कमाई के नोटों से नहीं बल्कि अपने खून-पसीने से कमाई नोटों की माला से अपनी नेता का स्वागत करते हैं। पीएम को कोई भी नोट की माला पहना दें तो कोई दिक्कत नहीं लेकिन अगर दलित की बेटी को नोटों की माला पहनाई जाए तो इन्हें हजम नहीं हो रहा है। यह इन लोगों की दलितों के प्रति मानसिकता को दर्शाता है।
मायावती ने कहा कि ये लोग ऐसी छिछोरी बातें करेंगे, दलित के बारे में इस तरह की बात करेंगे तो आप सोच सकते हैं कि दलितों के बारे में इनकी मानसिकता बदली नहीं है। उन्होंने कहा कि पीएम ऐसी छिछोरी बात करेंगे इस बात की उम्मीद नहीं थी।
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि ऐसे लोग भी हैं जो नोटों की माला पहनते थे और उस माला में से उनका सिर भी नहीं दिखता था। पीएम के इसी बयान पर मायावती ने पलटवार किया है।
सिर्फ भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए यूपी ने वोट नहीं दिया
मायावती ने कहा कि पीएम ने आज रैली में कहा कि यूपी के लोगों ने भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए उन्हें पीएम बनाया है। मैं पीएम को याद दिलाना चाहती हूं कि उन्हें विकास के लिए भी पीएम बनाया है। लेकिन विकास के काम नहीं हो रहे हैं, कई चुनावी वायदे किए गए थे, जिसमें से एक यह था कि अगर केंद्र में भाजपा की सरकार बनीं तो 100 दिनो के भीतर ही विदेशों में जमा कालाधन वापस लाकर हर देशवासी के खाते में 15-20 लाख रुपए डलवाएंगे।
लोगों ने पैसों के लिए वोट दे दिया
लोगों ने सोचा कि अगर एक वोट से इतने पैसे मिलेंगे तो लोगों ने उन्हें वोट दे दिया। मायावती ने पूछा कि पीएम बताएं कि पूर्वांचल के विकास के लिए सरकार ने ढाई साल में क्या किया।
मायावती ने कहा कि पीएम ने कहा कि बेईमानों से आजादी से बाद का हिसाब लिया जाएगा। यह अच्छी बात है लेकिन हमारा कहना है कि कालाबाजार, भ्रष्टाचार, जमाखोरी सहित तमाम मामलों में हमारी पार्टी सख्त कार्रवाई चाहती है।
जो विदेश भाग गए उनका काला चेहरा नहीं दिखा
केंद्र की भाजपा सरकार ने महाभ्रष्टाचारी ललित मोदी और विजय माल्या को भगा दिया विदेश भेज दिया। साथ ही देश में 66 हजार करोड़ रुपए के काले धन को सफेद करा दिया और उनमें से किसी का भी काला चेहरा सामने नहीं आया है।
500 और 1000 रुपए के नोट बैंन कराकर गरीबी, मजदूरों, किसानों, दलितों को परेशान करने का काम इस सरकार ने किया है। देश की जनता को इतनी कड़ी सजा क्यों दी जा रही है, इसका जवाब नरेद्र मोदी जी को देना होगा।
लोग नार्किक समय से मुक्ति चाहते हैं
देश की समस्त आर्थिक गतिविधि को बंद करके भाजपा ने भारत बंद जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। ऐसे में करोड़ो लोगों ने जो अच्छे दिन का इंतजार कर रहे थे वह नार्किक जीवन से मुक्ति चाहते हैं।
किसी भी तरह की कोई तैयारी नहीं की गई
केंद्र ने ऐसे अपरिपक्व और जल्दबाजी का फैसला लेने की क्या जरूरत है। मायावती ने कहा कि पीएम ने कहा कि उन्होंने जल्दबाजी में यह फैसला नहीं लिया। मायावती ने कहा कि पीएम ने कहा कि 10 महीने से वह तैयारी कर रहे हैं, तो क्यों लोगों को पैसा नहीं मिल रहा है, एटीएम खराब पड़े हैं, बैंकों में पैसा आया ही नहीं है।
ऐसे में 10 महीने में जो नए नोट ला रहे थे वो कहां है, वह पैसा बैंक के पास आना चाहिए था। ये लोग बहाना बना रहे हैं, कि पैसा आ रहा है, बैंक में छुट्टी की वजह से दिक्कत हो रही है। इन लोगों ने कोई तैयारी नहीं की है।
गरीब नींद की गोलियां खा रहे हैं
मायावती ने पीएम को उस बयान को हवा हवाई बताया जिसमें पीएम ने कहा कि गरीब चैन से सो रहा है और अमीर नींद की गोलियां खा रहे है। सही मायने में गरीब नींद की गोलियां खा रहे हैं और मारे मारे फिर रहे है। जबकि अमीर लोग आराम से सो रहे हैं, इन्ही की मदद के लिए यह फैसला लिया गया है।












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