मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर विकसित होगा राजा भगवती प्रसाद सिंह का बलरामपुर अस्पताल: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
बलरामपुर राज परिवार के द्वारा स्थापित लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल की काया पलट होने वाली है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बलरामपुर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर विकसित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

बलरामपुर राज परिवार के द्वारा स्थापित लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल की काया पलट होने वाली है। अस्पताल के 154 वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बलरामपुर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर विकसित किए जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने 'इस कार्य में बजट आड़े नहीं आएगा', ऐसा वादा भी किया है।
बलरामपुर राज्य परिवार की देन
आपको बता दें कि बलरामपुर अस्पताल, लखनऊ की स्थापना सन् 1869 को अंग्रेजों द्वारा की गई थी। तब यह रेजिडेंसी हिल डिस्पेंसरी के नाम से जाना गया। शुरुआत में यहां केवल सैनिकों का इलाज होता था। लेकिन उसके बाद बलरामपुर जिले के राज परिवार के राजा भगवती प्रसाद सिंह ने 1902 में अस्पताल के लिए जमीन एवं आर्थिक सहायता दी और फिर इस अस्पताल के दरवाजे आम जनता के लिए भी खुल गए, इसीलिए लोग इसे बलरामपुर राज्य परिवार की देन मानते हैं।

आधुनिक सुविधाओं से अस्पताल को लैस किया जाए : डिप्टी सीएम
स्थापना दिवस समारोह में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने चिकित्सकों सम्बोधित करते हुए कहा कि "अस्पताल में आने वाले सभी रोगियों को इलाज मुहैया कराया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। आधुनिक सुविधाओं से अस्पताल को लैस किया जाए, ताकि गंभीर रोगियों को और बेहतर इलाज मिल सके। इसके लिए बजट की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। बलरामपुर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर विकसित किया जाए।" ये निर्देश उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दिए।
बता दें कि वे शुक्रवार को अस्पताल के 154वे स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि "बलरामपुर अस्पताल प्रदेश के चुनिंदा सरकारी अस्पतालों में एक है। बेड के लिहाज से सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। अस्पताल में इलाज के साथ पढ़ाई की सुविधा को बढ़ावा मिलना चाहिए।" उन्होंने कहा कि "शोध कार्य की दिशा में भी कदम बढ़ाने की जरूरत है।"

सरकार हर समय मदद को तैयार
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि "सरकारी हर स्तर पर अस्पताल की मदद को तैयार है। अस्पताल प्रस्ताव बनाकर भेजे। पूरी मदद होगी। रोगियों के हित में सरकार लगातार कदम उठा रही है। नई योजनाओं को शुरू किया जा रहा है। सरकारी अस्पताल के अधिकारी थोड़ा संजीदा रहकर मरीजों को असुविधा से बचा सकते हैं।"
रोगी कल्याण समिति के बजट का करें इस्तेमाल
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि "रोगी कल्याण समिति के बजट का अस्पताल भरपूर नियमानुसार उपयोग करें। अस्पताल के दरवाजे खिड़की, साफ सफाई, पानी आदि की सुविधा को व्यवस्था रखने पर बजट खर्च करें। इन छोटी-छोटी दिक्कतों को दूर कर अस्पताल को बेहतर बना सकते हैं।"
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डॉ. एससी राय के नाम पर लावारिस वार्ड
उप मुख्यमंत्री ने लावारिस वार्ड का नाम बदलने की भी अपील की। उन्होंने प्रेक्षागृह में बैठे लोगों से सुझाव मांगे, तो डॉक्टरों ने लावारिश वार्ड का नाम पद्मश्री डॉ. एससी राय के नाम पर रखने का सुझाव दिया। लिहाजा अब लावारिस वार्ड का नाम "डॉ. एससी राय वार्ड" के नाम से जाना जाएगा।
पहले से बढ़ा है भरोसा
स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों के प्रति रोगियों का भरोसा बढ़ रहा है। यह सब डॉक्टर व कर्मचारियों की मेहनत का नतीजा है। ओपीडी व भर्ती रोगियों की सेहत का खयाल रखें, नियमित राउंड लें। कार्यक्रम में बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ. रमेश गोयल, सीएमएस डॉ. जीपी गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।












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