नितिन गडकरी के सामने चुनाव लड़ चुका है साजिशकर्ता असीम, यूट्यूब पर किया था कमलेश की मौत का ऐलान
लखनऊ। हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड में लगातार नए खुलासे हो रहे है। वहीं, गुजरात एटीएस ने हिरासत में लिए साजिशकर्ता सैयद असीम अली के बारे में भी एक नया खुलासा किया है। असीम अली ने महाराष्ट्र की नागपुर लोकसभा सीट से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था। असीम ने ये चुनाव भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी के बैनर पर लड़ा था। आपको बता दें कि असीम को कमलेश तिवारी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में नागपुर से हिरासत में लिया था। एजेंसियों की जांच में सैयद असीम अली के कई वीडियो यूट्यूब पर मिले हैं। एक वीडियो में सैयद असीम अली ने कहा है, "कमलेश तिवारी अपनी मौत के करीब है, गुस्ताखी की सजा मौत है।"

यूट्यूब पर किया था 'सजा-ए-मौत' का ऐलान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सैयद असीम अली 'सुन्नी यूथ ब्रिगेड' नाम का संगठन चलाता है। यूट्यूब पर असीम अली के कई वीडियो हैं जिसमें हिन्दू नेताओं, आरएसएस और बीजेपी को लेकर टिप्पणी की गई है। 25 अक्टूबर 2017 में असीम ने यूट्यूब पर अपना एक वीडियो डाला था, जिसमें कमलेश तिवारी को चुनौती देते हुए उसे मौत की सज़ा देने की बात कही थी। वीडियो में असीम ने कहा, "कमलेश तिवारी अपनी मौत के करीब है, गुस्ताखी की सजा मौत है।" अब यह बयान भी अब पुलिस जांच का हिस्सा है।

हत्यारोपियों के संपर्क में आया था असीम
अपने ऐसे बयानों और पार्टी के ज़रिए ही असीम हत्यारोपियों के संपर्क में आया था। कमलेश की हत्या के लिए अशफ़ाक और मोइनुद्दीन को भड़काने का शक असीम पर है। बताया जा रहा है कि हत्यारोपियों ने कमलेश की हत्या को अंजाम देने के बाद असीम को फोन किया था। सूत्रों के मुताबिक, असीम ने ही आरोपियों को बरेली में एक मौलाना की मदद से रुकवाया था, जहां आरोपियों ने अपना इलाज भी करवाया था। असीम ने ही आरोपियों को नेपाल निकलने की सलाह और मदद दी थी। फिलहाल असीम को पुलिस ने कमलेश तिवारी की हत्या की साज़िश रचने के मामले में गिरफ्तार किया है। बुधवार को लखनऊ पुलिस असीम की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगेगी।












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