आस्था के कुंभ में अखिलेश सरकार ने लगाई घोटाले की 'डुबकी'

कैग रिपोर्ट में राज्य सरकार पर कई सवाल खड़े किए गए हैं। राज्य सरकार ने पूरा मेला केंद्र के पैसे से निपटा दिया, जबकि 70 फीसदी खर्च राज्य सरकार के जिम्मे था। अफसरों ने कागजों में एक ही वक्त में कई मजदूरों को दो-दो जगह काम करते हुए दिखा दिया। ऐसा ही ट्रैक्टरों के साथ किया गया व सरकारी फाइलों में एक नंबर के ट्रैक्टर से एक साथ दो जगह काम किया गया।
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मेले में सड़क चौड़ी करने, मरम्मत से लेकर घाटों के निर्माण, बैरिकेडिंग तक हर काम में घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। अफसरों ने ठेकेदारों की कमाई करवाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। सीएजी रिपोर्ट मंगलवार को विधानसभा में हंगामे के दौरान पेश की गई। इस पर सदन में कोई चर्चा नहीं हो सकी। रिपोर्ट में शहर, मेला स्थल, और रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन सभी कंट्रोल रूम आपस में जुड़े ही नहीं थे।
इस वजह से रेलवे स्टेशन पर पुलिस को शहर की भीड़ का अनुमान नहीं लगा। कुंभ के लिए खरीदी गई दवाओं में आधी से ज्यादा का उपयोग ही नहीं हुआ। कुछ तो एक्सपायर हो गईं और बाद में वे गरीबों के इलाज के इस्तेमाल में दिखा दी गईं। कुछ इसी तरह की गड़बड़ियों के जरिए जनता की गाढ़ी कमाई से जमा राजस्व में बंदरबांट होने की रिपोर्ट कैग ने उजागर की है।












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