आस्‍था या आश्‍चर्य: महाशिवरात्रि पर गंगा जल पीकर नाग ने दे दी जान, बनी समाधि

लखनऊ। शिवरात्रि के पर्व पर किसी मंदिर के शिवलिंग पर अचानक नाग के आकर बैठने की कहानी असकर आपने सुनी होगी। इस तरह कई फिल्‍में भी बन चुकी हैं जो शायद आपने देखी भी हो। मगर आज जो कहानी हम आपको बताने जा रहे हैं वो शायद ही आपने सुनी और देखी हो। जी हां उत्‍तर प्रदेश के अमरोह जिला के चकमजीदपुर गांव में महाशिवरात्रि के दिन एक नाग ने गंगा जल पीकर अपने प्राण का त्‍याग कर दिया। वहां के लोगों ने नाग की मौत के बाद उसकी समाधि बना दी है।

Devotees swarm temple as snake dies after drinking ganga water on Maha Shivratri
जानकारी के मुताबिक गांव चकमजदीपुर गांव में एक माह पहले सड़क किनारे एक बिल से नाग निकलते लोगों ने देखा था। पहले तो नाग देखकर गांव वाले घबरा गये लेकिन नाग का रोज निर्धारित समय पर बिल से निकलना धार्मिक रूप लेता गया। आप सुनकर दंग रह जाएंगे कि नाग को छूने पर भी वो कुछ नहीं करता था और लोगों के हाथ से दूध पीता था। धीरे-धीरे इसे ईश्‍वरीय शक्ति माना जाने लगा। बीते 9 फरवरी को यहां हवन भी हुआ।

मंगलवार को महाशिवरात्रि पर्व होने के कारण विनोद नाम का एक व्‍यक्ति सोमवार की रात बिल के सामने बैठकर पूजा पाठ शुरु कर दी। रात करीब नौ बजे नाग बिल से बाहर आया और निर्धारित स्थान पर न बैठकर हवन कुंड में बैठ गया। मंगलवार की सुबह जलाभिषेक शुरु हुआ। नाग जल के भरे गड्ढे में घुसा और उसी में बैठ गया। इस दौरान लोगों ने नाग के मुंह में गंगाजल भी डाला। लोगों का कहना है कि कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। नाग के अंतिम दर्शन को हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी और विधि विधान से उसी स्थान पर नाग की समाधि बना दी।

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