कल्याण या राजनाथ कुंभनगरी में होगा अंतिम फैसला
लखनऊ। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम के साथ असम विधानसभा चुनाव में जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी को भारी जीत मिली उसे पार्टी उत्तर प्रदेश में आजमाना चाहती है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर यूं तो कई नामों पर चर्चा हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह के नाम पर हो रही है।
मुख्यमंत्री पद की दावेदारी से पहले राजनाथ सिंह ने बताया यूपी का चुनावी एजेंडा

पार्टी सूत्रों की मानें तो राजनाथ सिंह या कल्याण सिंह में से किसी एक के नाम पर आखिरी मुहर इलाहाबाद में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लग सकती है। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के लिए कल्याण सिंह व राजनाथ सिंह के अलावा स्मृति ईरानी के नाम पर भी चर्चा तेज थी। लेकिन जिस तरह से स्मृति ईरानी रोहित वेमुला केस के बाद विवादों में आयी पार्टी उसका खामियाजा यूपी में नहीं भुगतना चाहती है।
राजनाथ सिंह को पार्टी के सशक्त चेहरे के रूप में देखा जाता है और वह विवादों से काफी दूर रहते हैं। राजनाथ सिंह के सीएम उम्मीदवार घोषित होने से पार्टी अगणे वोटों को अपने पाले में करना चाहेगी। वहीं राजनाथ सिंह ऐसी हस्ती के तौर पर यूपी में देखे जाते हैं जिनकी पैठ तकरीबन हर तबके में है।
हालांकि कल्याण सिंह के जरिए पार्टी पिछड़े व कुर्मी वोट को अपनी ओर करने की कोशिश कर सकती है। लेकिन जिस तरह से बाबरी विध्वंश उनके कार्यकाल में हुआ उसका पार्टी को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। ऐसे में राजनैतिक समीकरणों पर नजर डालें तो राजनाथ सिंह का पलड़ा भारी दिखता है।












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