मेडिकल कॉलेजों में OBC कोटा की घोषणा चुनावी फायदे के लिए उठाया गया कदम: मायावती
लखनऊ, 30 जुलाई: केंद्र की मोदी सरकार ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए मेडिकल एजुकेशन से जुड़े अखिल भारतीय कोटे (AQI) में ओबीसी समुदाय के लिए बड़ा कदम उठाया है। इस फैसले को उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने भी इसको लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अगर यह फैसला समय से ले लेती तो इनको अब तक काफी लाभ हो जाता, लेकिन अब लोगों को यह चुनावी राजनीतिक स्वार्थ के लिए लिया गया फैसला लगता है।

मायावती ने कहा- OBC कोटा की घोषणा काफी देर से उठाया गया कदम
बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया, ''देश में सरकारी मेडिकल कालेजों की आल-इंडिया की यूजी व पीजी सीटों में ओबीसी कोटा की घोषणा काफी देर से उठाया गया कदम। केन्द्र सरकार अगर यह फैसला पहले ही समय से ले लेती तो इनको अबतक काफी लाभ हो जाता, किन्तु अब लोगों को यह चुनावी राजनीतिक स्वार्थ हेतु लिया गया फैसला लगता है।'' मायावती ने अपने अगले ट्वीट में लिखा, ''वैसे बीएसपी बहुत पहले से सरकारी नौकरियों में एससी, एसटी व ओबीसी कोटा के बैकलॉग पदों को भरने की माँग लगातार करती रही है, किन्तु केन्द्र व यूपी सहित अन्य राज्यों की भी सरकारें इन वर्गों के वास्तविक हित व कल्याण के प्रति लगातार उदासीन ही बनी हुई हैं, यह अति दुःखद है।''
यूपी चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा फैसला
केंद्र सरकार के फैसले के मुताबिक, अब अखिल भारतीय कोटे (AQI) योजना में ओबीसी के लिए 27 फीसदी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10 फीसदी सीटें आरक्षित रखी जाएंगी। ये फैसला इसी साल से लागू हो जाएगा। शैक्षणिक वर्ष 2021-22 से यूजी और पीजी मेडिकल/डेंटल कोर्स में ये लागू हो जाएगा। बता दें, उत्तर प्रदेश में ओबीसी समुदाय के वोटरों की संख्या सबसे अधिक है। ऐसे में केंद्र सरकार के इस फैसले को अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।












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