लोगों ने पूछा "BJP वालों और कितनी बार नियमों का मजाक बनेगा''
लखनऊ। सूबे में सियासत के मद्देनजर सभी दल अपनी अपनी तरह से तैयारियां करने में जुटे हैं। वहीं भाजपा ने तिरंगा यात्रा के माध्यम से जन-जन तक आवाज पहुंचाने का बीड़ा उठाया। लेकिन तिरंगा यात्रा धीरे-धीरे विवादित बनती जा रही है। क्या विधायक, क्या सांसद और क्या मंत्री सभी नियमों को ताक पर रखकर राष्ट्रवाद का गीत गुनगुना रहे हैं।

मंत्री जी यूं नियमों को ताक पर मत रखिए
जी हां सोशल मीडिया पर भाजपा नेता दर्शना सिंह ने तिरंगा यात्रा की कुछ तस्वीरें शेयर की। जिसमें केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ0 महेंद्रनाथ पांडे भी शामिल रहे। लेकिन तस्वीरों में नियमों को राजनैतिक कद के कारण सरेआम नीलाम करते हुए समाज के जिम्मेवार लोग ही नजर आ रहे हैं। तिरंगा यात्रा में शामिल करीबन ज्यादा से ज्यादा लोग बगैर हेलमेट हैं। जो कि अपराध की श्रेणी में आता है। जानकारी के मुताबिक यह तिरंगा यात्रा चंदौली में आयोजित की गई है।

गाड़ी में नंबर तक नहीं
इन सबके इतर एक गाड़ी में तो साफ तौर पर यह भी देखा जा सकता है कि गाड़ी की आगे की नंबर प्लेट में नंबर तक नहीं पड़े हैं। लेकिन यात्रा में शामिल हैं। बहरहाल ये वह सच है जिसे जानने के बाद आम जनता के मन में ये सवाल खुद ब खुद उठता है कि भई नेता हैं तो कुछ भी कर सकते हैं।
लोगों ने कहा-
बनारस के रहने वालों अमन राय ने कहा कि तिरंगा यात्रा निश्चित तौर पर सराहनीय कदम है। लेकिन एक तरफ तो देश के प्रति प्यार दर्शा रहे हैं दूसरी ओर कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जिसकी वजह से पॉजिटिव के बजाए निगेटिव मैसेज लोगों के बीच जा रहा है।
लखनऊ के स्थानीय निवासी रवि सिंह का कहना है कि हेलमेट सुरक्षा के अलावा नियम भी है, जिसकी अव्हेलना करने पर दंडित किया जाता है। आम व्यक्ति को तुरंत पुलिस नाप देती है अगर बगैर हेलमेट कहीं जा रहा है। क्या इनके लिए कानून समान नहीं हैं।
लखनऊ की स्थानीय निवासी और पत्रकारिता की छात्रा अपूर्वा कटियार का इस विषय पर कहना है कि बीजेपी वाले कितनी बार नियमों का मजाक बनाएंगे। इससे बेहद गलत मैसेज समाज में जा रहा है। नियमों का जब वे खुद पालन करेंगे तभी तो अपेक्षा समाज से भी करें।
हिमांशु तिवारी आत्मीय












Click it and Unblock the Notifications