यूपी: अखिलेश ने किया मुआवजे के नाम पर किसानों से मजाक, दिया 75 रुपये का चेक
लखनऊ। बेमौसम बारिश किसानों को तबाह करने पर तुली है। फरवरी से ही शुरु हुआ आपदा का यह सिलसिला अभी भी जारी है। बर्बाद फसलों को देखकर सदमे से किसानों की सांसें टूट रही हैं। खैर ये तो कुदरती कहर है जिसपर इंसान का कोई वश नहीं मगर इस कहर से कहीं ज्यादा दर्द सरकार दे रही है। जी हां उत्तर प्रदेश में मुआवजे के नाम पर किसानों को छला जा रहा है।

जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक अखिलेश सरकार ने फैजाबाद के कुछ किसान को मुआवजे के तौर पर 75 रुपये का चेक भेजा है। हालांकि कुछ अन्य किसानों को 100, 125, 200 और 230 रुपये के चेक भी मिले हैं। मामला प्रकाश में आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है और कैंप लगाकर फटाफट चेक बदले जा रहे हैं।
अब किसान यह समझ नहीं पा रहे है कि इन पैसो से वह करे क्या, इसी के साथ सबसे बड़ा सवाल भी खडा होता है कि यह मुआवजा है या किसानो के साथ मजाक। वहीं उप्र किसान यूनियन के प्रदेश सचिव कमलेश द्विवेदी का कहना है कि किसानों के साथ मजाक हुआ है। उनके मुताबिक, किसान सबका पेट भरता है, लेकिन खुद आत्महत्या करने को मजबूर हैं। मुआवजे पर अब सियासत भी शुरू हो गई है।
फैजाबाद में लेखपाल को किया गया सस्पेंड
मीडिया में खबर आने के बाद जैसे ही मुआवजे पर सियासत गरमाई तो डैमेज कंट्रोल करने के लिए फैजाबाद में लेखपाल को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं कैंप लगाकर किसानों के चेक बदले जाने लगे हैं।
वहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी भी फैजाबाद के उस गांव में पहुंच गये हैं जहां मुआवजे के नाम पर गड़गडी की गई है। उन्होंने फैजाबाद के एसडीएम को तलब कर फटकार लगाई है और किसानों की लड़ाई लड़ने का एलान भी कर दिया है।
मरे हुए किसानों के नाम से काटे गये चेक
जख्म पर नमक छिड़कने का काम तो यूपी सरकार की तरफ से उस वक्त किया गया जब जिंदा किसान मुआवजे के लिए तरस रहे थे और लेखपाल व तहसीलदार ने मरे हुए किसानों के नाम से चेक काट दिया। रबिया, जनकदुलारी, अलीहसन, कालीप्रसाद, सुन्दरलाल, इश्तियाक, कमुनिशा, शिवदुलारी जैसे कितने ही नाम है जो एक ही गावं के है और इनके मरे हुए सालो बीत चुके हैं।












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