रोते हुए बाबर की मां DIG के पैरों में गिरी, हत्यारोपियों पर एक्शन की लगाई गुहार
रोते हुए बाबर की मां DIG के पैरों में गिरी, हत्यारोपियों पर एक्शन की लगाई गुहार
कुशीनगर, 29 मार्च: रामकोला थान क्षेत्र में एक मुस्लिम युवक की सिर्फ इसलिए पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, क्योंकि उसने बीजेपी की जीत पर गांव में मिठाई बांटी थी। इस मामले ने तूल पकड़ा तो प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। तो वहीं, अब इस मामले की जांच के लिए डीआईजी जे रविंदर गौड़ मृतक के घर पहुंचे।
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डीआईजी के पैरों में गिरी बाबर की मां
डीआईजी को देखकर बाबर की बेबस मां रोते हुए उनके पैरों में गिर गई और न्याय की गुहार लगाने लगी। डीआईजी ने बाबर की बूढ़ी मां को उठाया और फिर घर के अंदर जांच करने चले गए। दरअसल, सोमवार की देर शाम गोरखपुर रेंज के डीआईजी जे रविंद्र गौड़ मौके पर पहुंच कर पीड़ित परिवार से मिले। डीआईजी ने वहां मौजूद पत्रकारों को बताया परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

थानाध्यक्ष को किया लाइन हाजिर
परिजनों ने हत्या में शामिल जिन आरोपियों का नाम लिया है उन सभी की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, इस मामले में लापरवाही बरतने वाले थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर किया जा चुका है। इसके अलावा जिसकी भी इसमें भूमिका होगी उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। डीआईजी ने बताया कि मृतक बाबर के परिजनों को सुरक्षा भी दी जाएगी। आइए जानते हैं कौन था वो मुस्लिम युवक, जिसको बीजेपी की जीत का जश्न मनाने के बदले मौत मिली और क्या है पूरा मामला?

कौन था बाबर अली?
युवक का नाम बाबर अली था। वह कुशीनगर के रामकोला थाना क्षेत्र के कठघरहीं गांव के निवासी सूबेदार अली का सबसे छोटा बेटा था। बाबर अली गांव के अमवा चौराहे पर मुर्गा बेचने का कार्य करता था। बाबर के बड़े भाई रुस्तम अली की मौत 12 साल पहले हो गई थी। दूसरे नंबर का भाई चंदे आलम मुंबई में कपड़ा सिलाई का काम करता है। पिता व बड़े भाई की मौत के बाद चंदे आलम और बाबर दोनों अलग-अलग काम करके अपना घर चलाते थे। घर में बाबर की मां-पत्नी के साथ एक बेटा व एक बेटी है। बेटा 4 साल का तो बेटी 6 साल की है।

चुनाव में बीजेपी का प्रचार कर रहा था बाबर
बाबर की गांव में ही चिकन की दुकान थी। 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान बाबर का झुकाव बीजेपी की तरफ हो गया था। वह भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी का प्रचार करने लगा था। यह बात बाबर के पट्टीदारों को नागवार गुजरी। वह कई मौकों पर बाबर को ऐसा करने से रोकने की कोशिश करते रहे। इसके बावजूद बाबर बीजेपी का समर्थन करता रहा।

बीजेपी की जीत पर गांव में बांटी थी मिठाई
10 मार्च को मतगणना हुई। बीजेपी ने स्पष्ट बहुमत से सरकार बनाई तो बाबर ने जमकर जीत का जश्न मनाया। मृतक के भाई चंदे आलम के मुताबिक, बाबर ने 10 मार्च को बीजेपी की सरकार बनने के बाद गांव में मिठाई बांटी थी। इस वजह से उसके पड़ोसी नाराज थे। इसके बाद 20 मार्च को दुकान से लौटने के बाद बाबर ने 'जय श्रीराम' का नारा लगा दिया। इसके बाद पट्टीदार अजीमुल्लाह, आरिफ, ताहिद, परवेज ने साथियों के साथ उस पर हमला बोल दिया।

पट्टीदारों ने बाबर को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट
मृतक की पत्नी के मुताबिक, पट्टीदारों ने इसी दिन घर में घुसकर बाबर की बुरी तरह पिटाई कर दी। जान बचाने के लिए बाबर अपनी छत पर चढ़ गया, लेकिन वहां भी दबंग पहुंच गए और उसे छत से नीचे फेंक दिया। बाबर को इलाज के लिए रामकोला सीएचसी ले जाया गया, जहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ में इलाज के दौरान बाबर की मौत हो गई।












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