अपना घर आश्रम कोटा में फूड पॉइजनिंग से तीन मानसिक विमंदितों की मौत, 15 अन्य भी उल्टी दस्त के शिकार
कोटा, 25 जुलाई। राजस्थान के कोटा स्थित 'अपना घर आश्रम' से बड़ी खबर है। यहां मानसिक रूप से कमजोर कई लोग उल्टी दस्त की चपेट में आ गए हैं। इनमें से दो महिलाओं समेत तीन की मौत हो गई है। मरने वालों की शिनाख्त 40 वर्षीय सुदेवी, 48 वर्षीय मुन्नी व 50 वर्षीय दिलीप के रूप में हुई है। कोटा के एरोड्रम सर्किल स्थित मोटर मार्केट के नजदीक पॉलिटेक्निकल कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग में संचालित 'अपना घर आश्रम' में मानसिक विमंदित लोगों की मौत की वजह शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग बताई जा रही है।

खाना बनाया जा रहा था वहां गंदगी थी
कोटा जिला कलेक्टर ओपी बुनकर के अनुसार रविवार को सुदेवी, मुन्नी और दिलीप को उल्टी दस्त की शिकायत हुई थी। एक के बाद एक करके 15 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में तीन लोगों की उपचार के दौरान मौत हो गई। जांच में सामने आया कि अपना घर आश्रम में पीने के लिए साफ पानी नहीं था। जहां खाना बनाया जा रहा था, वहां गंदगी थी।

इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई
सोमवार सुबह मामले की जानकारी मिलते ही कोटा जिला कलेक्टर ओपी बुनकर, सीएमएचओ बीएस तंवर समेत अफसर मौके पर पहुंचे। अपना घर आश्रम में सुदेवी 2017 से, मुन्नी देवी 2019 से और दिलीप साल 2021 से रह रहे थे। रविवार रात इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई। फूड पॉइजनिंग की सूचना पाकर पहुंची चिकित्सा विभाग की टीम ने अपना घर आश्रम में मेडिकल कैंप लगाया, जिसमें लोगों की जांच की गई तो 15 और लोग उल्टी-दस्त के शिकार मिले। उन्हें मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

पानी के पीने के चलते ही तबीयत बिगड़ी
अधिकारियों के शुरुआती निरीक्षण में सामने आया कि अपना घर आश्रम कोटा में पीने के लिए साफ पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। बोरिंग का पानी ही यहां रह रहे लोगों को पिलाया जा रहा था। साथ ही किचन से लेकर सब जगह गंदगी नजर आई। कलेक्टर और चिकित्सा अफसरों के अनुसार साफ पानी की व्यवस्था नहीं होने और बोरिंग का पानी पीने के चलते ही प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि इन लोगों की तबीयत बिगड़ी।

कोटा अपना घर के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार का कहना - लापरवाही नहीं बरती
कोटा सीएमएचओ बीएस तंवर ने कहा कि आश्रम स्टाफ की बड़ी लापरवाही भी इस मामले में सामने आई। आश्रम के लोगों ने तीनों बीमार को अपने स्तर पर ही हॉस्पिटल भिजवा दिया। न तो चिकित्सा विभाग को जानकारी दी न ही जिला प्रशासन को। इस मामले में कोटा अपना घर के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार का कहना है कि हमारे स्तर पर किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। जैसे ही तबीयत खराब हुई। उन्हें तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया। पानी में भी गंदगी जैसी कोई बात नहीं है। हमने सुबह प्रशासन को सूचना दे दी थी।












Click it and Unblock the Notifications