कोटा लोकसभा सीट: ओम बिरला को प्रह्लाद गुंजल ही नहीं बल्कि 25 साल पुरानी यह परम्‍परा भी दे रही चुनौती

Om Birla Kota Lok Sabha Chunav 2024: लोकसभा स्‍पीकर ओम बिरला एक बार फिर कोटा-बूंदी सीट से BJP उम्‍मीदवार हैं। कोटा में दूसरे चरण में 26 अप्रैल को मतदान होगा। मतों में 4 जून को देशभर की सभी सीटों के साथ ही जाएगी।

कोटा से जीत की हैट्रिक बनाने मैदान में उतरे ओम बिरला के सामने दोहरी चुनौती है। एक तो भाजपा से कांग्रेस में आए कांग्रेस प्रत्‍याशी प्रह्लाद गुंजल समेत अन्‍य उम्‍मीदवारों से ज्‍यादा वोट हासिल करना और दूसरी चुनौती 25 साल पुरानी परम्‍परा को तोड़ना है।

Om Birla vs Prahlad Gunjal

देश में लोकसभा चुनाव 1999 के बाद से एक रिवाज चल रहा है। वो ये कि जो भी लोकसभा अध्‍यक्ष बनता है वो अगली बार सांसद नहीं बनता है। बीते चार लोकसभा सांसदों के मामले में यह पर परंपरा कायम रही है।

अब इस सूची में ओम बिरला भी हैं। यूं तो ओम बिरला कोटा से लगातार दो बार सांसद बन चुके हैं, मगर साल 2014 में जब पहली बार सांसद बने थे तब लोकसभा स्‍पीकर नहीं चुने गए थे। साल 2019 में जीतकर लोकसभा स्‍पीकर बने थे। अब देखने वाली बात यह है कि स्‍पीकर के दुबारा सांसद नहीं बनने की परम्‍परा कायम रहेगी या टूटेगी?

ये लोकसभा स्‍पीकर दुबारा नहीं बन सके एमपी

जीएससी बालयोगी: अमलापुरम से सांसद बने तेलगुदेशम पार्टी के जीएससी बालयोगी 22 अक्‍टूबर 1999 को लोकसभा अध्‍यक्ष बने थे। 2 मार्च 2002 को आंध्र प्रदेश के पास हेलिकॉप्‍टर दुर्घटना में मौत।

मनोहर जोशी: जीएमसी बालयोगी की मौत के बाद शिवसेना नेता व मुंबई नॉर्थ सेंट्रल से सांसद मनोहर जोशी लोकसभा अध्‍यक्ष बने थे। साल 2004 के लोकसभा चुनाव में जोशी कांग्रेस प्रत्‍याशी एकनाथ गायकवाड़ से चुनाव हार गए।

सोमनाथ चटर्जी: साल 2004 में यूपीए की सरकार बनी तो वामपंथी दलों का सरकार को बाहर से समर्थन मिलने के कारण सीपीआई (एम) नेता व बोलपुर से सांसद सोमनाथ चटर्जी लोकसभा अध्‍यक्ष बने। 16 मई 2009 तक इस पद पर रहे, मगर अगला चुनाव नहीं लड़ा और राजनीति से संन्‍यास ले लिया।

मीरा कुमार: साल 2009 में एक बार फिर यूपीएस सरकार बनी तो बिहार से सासाराम से कांग्रेस सांसद मीरा कुमार को लोकसभा अध्‍यक्ष बनने का मौका मिला। साल 2014 तक स्‍पीकर रहने के बाद कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2014 में मीरा कुमार को फिर टिकट दिया, मगर मोदी लहर में सासाराम में चुनाव हार गईं।

स‍ुमित्रा महाजन: स‍ुमित्रा महाजन ने राजनीति ही छोड़ी

अबकी बार मोदी सरकार आई तो इंदौर से भाजपा सांसद सुमित्रा महाजन को 16वीं लोकसभा का स्‍पीकर चुना गया। 17 जून 2019 तक लोकसभा अध्‍यक्ष रहीं सुमित्रा महाजन ने राजनीति से संन्‍यास ले लिया।

कोटा लोकसभा सीट का इतिहास

कोटा संसदीय क्षेत्र में केशोरायपाटन, बूंदी, पीपलदा, सांगोद, कोटा उत्‍तर, कोटा दक्षिण, लाडपुरा, रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र आते हैं। कोटा में दूसरे चरण के तहत 26 अप्रैल को मतदान होगा। मतों की गिनती 4 जून को की जाएगी।

कोटा में बीते 17 लोकसभा चुनावों का इतिहास यह रहा है कि 4 बार कांग्रेस व 7 बार भाजपा जीती है। तीन बार भारतीय जनसंघ ने जीत दर्ज की। जबकि जनता पार्टी, भारतीय लोकदल व नर्दिलीय एक बार जीते हैं।

कोटा सीट पर लोकसभा चुनाव 2024

कुल मतदाता-2088853
पुरुष-1072799
महिला-1015186

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