ईवीएम: माया, केजरीवाल के बाद अब ममता ने भी उठाए सवाल, सु्ब्रमण्यम स्वामी का लिया सहारा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी माया और केजरीवाल के सुर में सुर मिलाया। उन्होंने कहा है कि आयोग को इस मसले पर बैठक बुलानी चाहिए।
कोलकाता। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ओर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर सवाल उठाने के बाद अब इस मसले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी कूद पड़ी हैं।
ममता बनर्जी ने कहा है कि निर्वाचन आयोग को इस मुद्दे पर एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। भारतीय जनता पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के एक वीडियो की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि 'मैंने कुछ नहीं कहा। सुब्रमण्यम स्वामी कानूनी रूप से मजबूत हैं और उन्होंने जो कहा था, उसके बारे में ध्यान देते हुए जांच की जानी चाहिए।'

ममता ने कहा- सुब्रमण्यम कह रहे हैं, हो सकती है छेड़छाड़
ममता ने कहा कि वो इन विचारों को स्वीकार करते हैं या नहीं यह उनकी मर्जी है लेकिन इस मामले के लिए आयोग को सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस बारे में आयोग के बयान सुन रखे हैं, जिसमें ऐसा कुछ ही नहीं होने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि मैंने सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से जारी किया गया वीडियो क्लिप देखा है। वो कह रहे हैं कि इससे छेड़छाड़ हो सकती है। ममता ने माना कि उन्हें यह लगता है कि ईवीएम से छेड़छाड़ हो सकती है।

माया ने कहा था...
बता दें कि उत्तर प्रदेश में बुरी हार के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल खड़ा किया था। उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के परिणाम को देखकर साफ है कि यह मामला कितना गंभीर है, इसके बारे में और भी ज्यादा खामोश रहना लोकतंत्र के लिए बहुत घातक होगा। भाजपा पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की हत्या की है, इन लोगों ने अपने पक्ष में गड़बड़ी की है। मैं भाजपा को खुली चेतावनी देती हूं अगर ये लोग इमानदार हैं तो पीएम मोदी और अमित शाह चुनाव आयोग को पत्र लिखें और पुरानी बैलट व्यवस्था से चुनाव कराने को कहें।

तब आयोग ने कहा...
इस आरोप के जवाब में भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से बहुजन समाज पार्टी को जवाब में कहा गया था कि ईवीएम में छेड़छाड़ का कोई सवाल ही नहीं है। चुनाव आयोग ने बीएसपी सुप्रीमो मायावती की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत पर ये जवाब दिया था। चुनाव आयोग ने मायावती के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि यूपी में निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया का अपनाया गया। चुनाव के दौरान सभी जरुरी जांच को पूरा किया गया और कहीं से भी कोई ईवीएम में छेड़छाड़ की स्थिति नहीं है।

केजरीवाल ने कहा था- पंजाब में मिली हार पर सवाल
गौरतलब है कि मायावती के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका जताई थी। केजरीवाल ने बुधवार (15 मार्च) को पत्रकरों से कहा था कि चुनाव में कई एक्सपर्ट लोगों ने कहा कि पंजाब में अकाली दल के खिलाफ लोगों में गुस्सा है और आम आदमी पार्टी जीत रही है। इसके बावजूद चुनाव में 'आप' को 25 फीसदी वोट मिले और अकाली दल को 31 फीसदी, आखिर ये कैसे संभव है?

कही थी वोट ट्रांसफर होने की बात
अरविंद केजरीवाल ने आशंका जताई थी कि ईवीएम के जरिए यह संभव है कि आम आदमी पार्टी का 20 से 25 प्रतिशत वोट शेयर शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन को ट्रांसफर कर दिया गया था। उन्होंने कहा था कि ईवीएम को लेकर जनता के मन में एक अविश्वास का माहौल है। यह चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह लोगों के मन से इस अविश्वास को निकाले ताकि जनता का भरोसा चुनाव व्यवस्था पर बना रहे। केजरीवाल ने कहा था कि हम गोवा में अपनी हार को स्वीकार करते हैं लेकिन पंजाब को लेकर हमारे मन में कई सवाल हैं।
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