नागरिकता पर सवाल उठाने को लेकर पूर्व टीएमसी नेता विनय मिश्रा ने सुवेंदु अधिकारी को भेजा कानूनी नोटिस
मवेशी और कोयला तस्करी के मामलों में सीबीआई द्वारा जांच का सामना कर रहे टीएमसी युवा विंग के पूर्व महासचिव विनय मिश्रा ने अपने वकील के माध्यम से भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को कानूनी नोटिस भेजा है।
कोलकाता, 15 जून। मवेशी और कोयला तस्करी के मामलों में सीबीआई द्वारा जांच का सामना कर रहे टीएमसी युवा विंग के पूर्व महासचिव विनय मिश्रा ने अपने वकील के माध्यम से भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को कानूनी नोटिस भेजा है जिसमें कहा गया है कि उन्होंने विनय मिश्रा की नागरिकता पर गलत जानकारी साझा की थी। 11 जून को सुवेंदु अधिकारी ने एक ट्वीट में कहा था कि मिश्रा को 2020 में टीएमसी युवा विंग का महासचिव बनाया गया था, जब वह भारत के नागरिक नहीं थे। सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि मिश्रा ने 2018 में दक्षिण प्रशांत के एक द्वीप वानुअतु की नागरिकता ली थी।

एक अन्य ट्वीट में अधिकारी ने लिखा, 'वर्ष 2018 में विनय मिश्रा वानुअतु के नागरिक प्रतीत होते हैं और भारतीय नागरिकता छोड़ रहे हैं। वर्ष 2020 में उसी व्यक्ति को टीएमसी युवा विंग का महासचिव बना दिया जाता है। मैं चुनाव आयोग से जानना चाहता हूं कि क्या भारतीय कानून किसी विदेशी को भारत के एक राजनीतिक दल का हिस्सा होने की अनुमति देता है।'
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अपने कानूनी नोटिस में मिश्रा ने कहा कि सीबीआई द्वारा उनके खिलाफ मामले की शुरुआत करने से पहले ही 16 सितंबर, 2020 को उन्होंने भारत छोड़ दिया था। मिश्रा ने आगे लिखा कि उन्होंने 19 दिसंबर, 2020 को अपना पासपोर्ट सरेंडर करने से पहले टीएमसी यूथ कांग्रेस के पद से इस्तीफा दे दिया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मवेशी तस्करी के एक मामले में मिश्रा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। 7 जून को एक सुनवाई के दौरान, मिश्रा के वकीलों ने एक हलफनामा दायर किया जिसमें कहा गया था कि उन्होंने दुबई में भारतीय वाणिज्य दूतावास में एक आवेदन दायर करके पिछले साल 19 दिसंबर को अपनी नागरिकता छोड़ दी थी। हलफनामे में कहा गया है कि 22 दिसंबर को आवेदन स्वीकार कर लिया गया था।












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