बुधवार को पत्नी से बातकर बेटी को याद कर रहे थे प्रदीप, कहा था- पापा अभी मत जाओ
Kannauj News, कन्नौज। जम्मू कश्मीर के पुलवामा (Pulwama Blast) के अवन्तीपुरा के गोरीपुरा इलाके में गुरुवार को हमले में शहीद होने वालों में कन्नौज जिले के अजान-सुखसेनपुर गांव के प्रदीप सिंह भी शामिल हैं। प्रदीप की शहादत की खबर गांव में पहुचते ही कोहराम मच गया। वहीं, एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने प्रदीप की शहादत की पुष्टि की है।

10 फरवरी को जम्मू गए थे प्रदीप
पुलवामा में शहीद हुए प्रदीप सिंह का परिवार कानपुर जिले के बारासिरोही में रहता है। प्रदीप की दो बेटियां सुप्रिया(10) व छोटी (2) हैं। परिवार के साथ ही प्रदीप का मौसेरा भाई सोनू भी रहता है। सोनू ने बताया कि छुट्टी खत्म होने पर 10 फरवरी को वह जम्मू रवाना हुए थे। 11 जनवरी को वह जम्मू पहुंचे। बुधवार सुबह भी उन्होंने घर पर फोन किया था। आखिरी बार भाभी से ही बात की थी। करीब 10 मिनट ही बात हुई थी।

बेटी को किया था वादा
शहीद की पत्नी ने बताया कि प्रदीप अपनी दो साल की बेटी 'छोटी' से बेहद प्रेम करते थे। 10 मिनट की हुई बातों में उन्होंने करीब सात मिनट तक सिर्फ छोटी के साथ बिताए पलों को याद किया और उसकी हर अठखेलियों को याद कर प्रसन्न भी हुए। कहा कि ये कभी सोचा नहीं था, यह फोन उनका आखिरी फोन होगी। पत्नी ने बताया वापिस जाते समय बेटी ने पापा से कहा था कि अभी मत जाओ। पिता ने जल्द ही दोबारा वापिस आने का वादा किया था, पर अब वह वादा कभी पूरा नहीं हो पाएंगा।

फोन पर मिली थी सूचना
बता दें कि टीवी पर सीआरपीएफ काफिले पर हुए हमले की खबर सुनते ही परिजनों में बेचैनी पैदा हो गई। उसके बाद पति का हाल जानने के लिए छटपटाती रही, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। गुरुवार देर शाम को कंट्रोल रूम से फोन आया और उनकी शहादत की खबर मिली।












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