Jodhpur : CRPF जवान ने खुद को गोली मारी, 18 घंटे से पत्नी व बेटी को बंधक बनाकर कर रहा था फायरिंग
जोधपुर, 11 जुलाई। राजस्थान के दूसरे सबसे बड़े शहर जोधपुर में सोमवार को दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक जवान ने खुद को गोली मार ली। वह पत्नी व बेटी को बंधक बनाकर 18 घंटे से फायरिंग कर रहा था। आईजी के पहुंचने के बाद उसने गोली मारकर खुद को खत्म कर लिया।

सीआपीएफ प्रशिक्षण केंद्र मंडोर जोधपुर
बता दें कि जोधपुर के मंडोर स्थित सीआपीएफ प्रशिक्षण केंद्र परिसर में रविवार शाम को सीआरपीएफ कांस्टेबल नरेश जाट ने अपनी पत्नी व बेटी को घर पर बंधक बना लिया और हवाई फायरिंग करने लगा था। सूचना पाकर पुलिस आरटीसी सीआरपीएफ जोधपुर परिसर मौके पर पहुंची।

पत्नी व बेटी भी साथ थीं
पुलिस ने सीआरपीएफ जवान नरेश जाट से बातचीत करने की कोशिश की तो उसने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। नरेश के साथ उसकी पत्नी व बेटी भी साथ थीं। इसलिए पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाह रही थी और रातभर उससे समझाइश करती रही।

आईजी विक्रम सहगल को बुलाने की मांग रखी
बनियान व पेंट पहने, हाथ में बंदूक थामे सीआरपीएफ कांस्टेबल नरेश जाट ने आईजी विक्रम सहगल को बुलाने की मांग रखी। जब आईजी विक्रम सहगल मौके पर पहुंचे तो जवान ने बालकनी में आकर बंदूक सीधी खड़ी करके ढोढी के नीचे खुद को गोली मार ली।

पाली का रहने वाला था CRPF जवान नरेश जाट
बता दें कि सीआरपीएफ जवान नरेश जाट मूलरूप से पाली का रहने वाला था। उसने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया इसका अभी पता नहीं चल पाया है। यह बात भी सामने आ रही है कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह अवसाद में था। हालांकि वास्तविकता का पता पुलिस की विस्तृत जांच में सामने आ सकेगी।

जवान नरेश जाट को समझाने की काफी कोशिश की
जोधपुर ईस्ट डीसीपी अमृता दुहन ने बताया कि पुलिस ने सीआरपीएफ जवान नरेश जाट को समझाने की काफी कोशिश की। मौके पर पुलिस और सीआरपीएफ का जाब्ता भी तैनात किया गया था। खुद आईजी विक्रम सहगल भी पहुंचे थे।

सीआरपीएफ कांस्टेबल नरेश जाट का क्वार्टर चौथी मंजिल पर था
जोधपुर पुलिस कमिश्नर रविदत्त गौड़ ने बताया कि सीआरपीएफ कांस्टेबल नरेश जाट का क्वार्टर चौथी मंजिल पर था। वह रविवार शाम को हाथ में बंदूक लेकर पत्नी व सात साल की बेटी को घर में बंधक बना लिया था। हवाई फायर भी कर रहा था। उसकी फोन पर आईजी, दोस्तों, परिजनों व विभाग के अधिकारियों से बातचीत भी करवाई। सभी ने समझाइश की, मगर वह नहीं माना सोमवार को खुद को गोली मार ली।

समस्या क्या थी यह जांच का विषय
गौड़ ने बताया कि अधिकारियों ने उसे आश्वासन दिया था कि परिवार या कार्यालय में उसकी जो भी समस्या है उसका समाधान निकाला जाएगा। समस्या क्या थी यह जांच का विषय है। आईजी से उसकी मोबाइल पर कई बार बात करवाई थी। आईजी मौके पर भी पहुंचे थे, मगर नीचे खड़े थे। चौथी मंजिल पर नहीं गए थे।












Click it and Unblock the Notifications