क्या पत्नी कल्पना और छोटे भाई बसंत को मंत्री बनाएंगे हेमंत सोरेन? या फिर दोनों होंगे कैबिनेट का हिस्सा

Kalpana Soren Basant Soren: झारखंड के होने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नए मंत्रिमंडल को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। सबसे ज्यादा लोगों को ये जानने में रुची है कि हेमंत सोरेन इस कैबिनेट में अपनी पत्नी और गांडेय से विधायक कल्पना सोरेन और अपने छोटे भाई बसंत सोरेन को शामिल करेंगे या नहीं?

रिपोर्ट के मुताबिक हेमंत सोरेन के नए मंत्रिमंडल में इस बार उनके परिवार का कम से कम एक सदस्य शामिल होगा। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन या अपने छोटे भाई बसंत सोरेन को 12 सदस्यीय मंत्रिपरिषद में शामिल करते हैं या फिर दोनों को?

Kalpana Soren Basant Soren

अपनी पत्नी या भाई को शामिल करने के अलावा हेमंत सोरेन को जेएमएम कोटे से मंत्रियों को चुनकर भी कड़ी मशक्कत करनी होगी। हेमंत सोरेन अपना कैबिनेट ऐसा बनाना चाहते हैं, जिसमें आदिवासियों, एससी, ओबीसी, मुसलमानों और ईसाइयों के जातिगत समीकरणों को पूरा किया जा सके।

झारखंड में लेंगे 12 मंत्री शपथ

नियमों के मुताबिक मंत्रिमंडल का आकार विधानसभा की संख्या के 15 फीसदी तक सीमित होना चाहिए और 12 से कम नहीं होना चाहिए।

झारखंड के 80 सदस्यीय सदन के मामले में यह आंकड़ा 12 है। अपनी पत्नी कल्पना सोरेन और भाई के संभावित दावेदार होने के कारण हेमंत को भी जेएमएम कोटे से मंत्रियों चुनना एक कठिन काम होगा।

कल्पना सोरेन के मंत्री बनाए जाने की ज्यादा संभावना? जानिए क्यों?

हेमंत कैबिनेट में कल्पना सोरेन को शामिल करने की संभावना ज्यादा लगती है...क्योंकि महिलाओं के प्रतिनिधित्व को भी ध्यान में रखना होगा। हेमंत कैबिनेट में लुईस मरांडी को भी मंत्री बनाया जा सकता है।

अगर कल्पना सोरेन की बात करे तो, कल्पना जिन्होंने एक साल में दो बार गांडेय सीट जीती, पहली बार जून में एक उपचुनाव के दौरान और फिर विधानसभा चुनाव 2024 में। कल्पना सोरेन जेएमएम के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक की स्टार प्रचारक थीं। उन्होंने अपने दम पर अकेले 100 से ज्यादा रैलियां की हैं। उन्होंने गठबंधन के महीने भर के अभियान का नेतृत्व किया। खुद हेमंत सोरेन ने अपनी पत्नी को राज्य में अच्छे प्रदर्शन का श्रेय दिया है।

हालांकि बसंत सोरेन ने भी पार्टी की जीत में अहम भूमिका निभाई है। बसंत सोरेन, जिन्होंने पूर्व सीएम चम्पाई सोरेन की पांच महीने तक चली सरकार में मंत्री के रूप में काम किया, आदिवासी गढ़ संथाल परगना और पार्टी के गढ़ दुमका में जेएमएम के शानदार प्रदर्शन का श्रेय इन्ही को जाता है।

हालांकि पार्टी नेतृत्व ने मंत्रिमंडल के चयन पर फिलहाल चुप्पी साधे रखी है लेकिन जेएमएम के अंदरूनी सूत्रों ने दावा किया कि इस बार 30 से 34 सीटों तक पहुंचने के बावजूद पार्टी कोटे में ज्यादा बढ़ोतरी की गुंजाइश नहीं है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने को बताया, "मुख्यमंत्री को छोड़कर, हम जेएमएम कोटे से छह मंत्रियों पर नजर गड़ाए हुए हैं। उस स्थिति में, मंत्रिमंडल में सीटों का बंटवारा 7:4:1 होगा। आरजेडी को एक सीट मिलेगी और सीपीआई-एमएल-एल के मंत्रिमंडल से बाहर रहने की संभावना है।"

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+