राहुल गांधी को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत, अमित शाह के खिलाफ दिया था आपत्तिजनक बयान, जानें क्या है मामला
झारखंड हाई कोर्ट से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने राहुल के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट पर एक माह के लिए रोक लगा दी है। आदेश से परिचित अधिकारियों ने हिन्दुस्तान टाइम्स को ये जानकारी दी है।
राहुल गांधी के वकील पीयूष चित्रेस्ट ने आदेश की पुष्टि की।
दरअसल, 27 फरवरी को चाईबासा सिविल कोर्ट में मानहानि मामले में सुनवाई हुई थी। उस दौरान राहुल गांधी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। राहुल ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस पर आज सुनवाई हुई।

चाईबासा की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने कांग्रेस नेता को छह साल पुराने मानहानि मामले में 27 मार्च को अदालत में शारीरिक रूप से पेश होने का आदेश दिया था। न्यायाधीश ऋषि कुमार की अदालत ने राहुल गांधी की याचिका को खारिज करते हुए यह निर्देश दिया था।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में ये वारंट जारी किया गया था। राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने 2018 में अमित शाह को 'हत्यारा' कहा था। इसके बाद भाजपा नेता प्रताप कटियार द्वारा चाईबासा कोर्ट में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में वाद दायर किया गया था।
इसके बाद यह मामला रांची की एमपी एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था लेकिन बाद में इसे चाईबासा ट्रांसफर कर दिया गया। इस मामले से परिचित लोगों ने बताया कि अप्रैल 2022 में चाईबासा एमपी एमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था, जिस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
इसके बाद 27 फरवरी 2024 को कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। इसके बाद राहुल गांधी के वकील ने कोर्ट में आवेदन देकर राहुल गांधी की पेशी से छूट मांगी थी, लेकिन अदालत ने 14 मार्च 2024 को उनके आवेदन को ही खारिज करते हुए 27 मार्च को उन्हें पेश होने का आदेश दिया था।












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