मोदी सरनेम विवाद: झारखंड में राहुल गांधी को झटका, व्यक्तिगत पेशी से छूट वाली याचिका खारिज
रांची में प्रदीप मोदी नाम के शख्स ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। जिसमें राहुल ने पेशी से छूट की मांग की। हालांकि उनकी याचिका खारिज हो गई।

'मोदी सरनेम विवाद' की वजह से राहुल गांधी की सांसदी चली गई, लेकिन अभी भी उनकी मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। गुजरात के बाद अब झारखंड की अदालत से उनको झटका लगा है, जहां रांची की कोर्ट ने उनकी ओर से दायर एक याचिका खारिज कर दी। जिसमें पेशी में छूट की मांग की गई थी।
दरअसल मोदी सरनेम वाले बयान को लेकर रांची में प्रदीप मोदी नाम के व्यक्ति ने मानहानि का मुकदमा दायर किया था। प्रदीप के मुताबिक राहुल गांधी के बयान से उनके समुदाय की भावनाएं आहत हुई थीं। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इस याचिका में ही राहुल के वकील ने एक अलग याचिका दायर की, जिसमें उनको पेशी में छूट देने की मांग की गई। एमपी/एमएलए कोर्ट ने ये याचिका खारिज कर दी। ऐसे में अब उनको पेश होना पड़ेगा।
ये है पूरा मामला
2019 के लोकसभा चुनाव के वक्त राहुल गांधी ने कर्नाटक के कोलार में रैली की थी। वहां पर उन्होंने कहा था कि सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है? वैसे उनका इशारा नीरव मोदी, ललित मोदी की ओर था, लेकिन मोदी समुदाय से जुड़े लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया।
सूरत कोर्ट ने सुनाई थी सजा
राहुल के बयान के खिलाफ गुजरात के बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी कोर्ट चले गए और उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया। लंबी सुनवाई के बाद सूरत की निचली अदालत ने उनको दो साल की सजा सुनाई।
कोर्ट की सजा की वजह से उनकी सांसदी चली गई। वो सेशन कोर्ट गए वहां से भी उनको राहत नहीं मिली। अब गुजरात हाईकोर्ट में उनका मामला चल रहा। इस बीच रांची कोर्ट के इस फैसले को राहुल के लिए एक और झटका माना जा रहा।
संसद से लेकर सड़क तक हंगामा
वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी की सदस्यता जाने के बाद कांग्रेस ने संसद से लेकर सदन तक हंगामा किया था। इस वजह से बजट सत्र की कार्यवाही भी सही ढंग से नहीं चल पाई थी। अगर इन सब मामलों में राहुल गांधी को राहत नहीं मिली, तो वो 2024 का लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे।












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