Jharkhand Election: मतदाताओं के बीच JMM के इस स्टार प्रचारक की बढ़ी डिमांड, हेमंत सोरेन भी रह गए पीछे
Jharkhand Election 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बीच, सत्ताधारी पार्टी समेत विपक्ष पार्टियों के नेता भी चुनाव प्रचार में सक्रिय हो गए हैं। लोकसभा चुनाव के बाद झारखंड की सियासत में एक नाम बहुत तेजी से लोगों की जुबान पर चढ़ा है और वो नाम है कल्पना सोरेन का। कल्पना सोरेन की डिमांड मतदाताओं के बीच काफी बढ़ गई है।
जी हां..कल्पना सोरेन के प्रचार और रैलियों में मतदाताओं का भारी हुजूम देखने को मिल रहा है। खास कर के जनजातीय मतादाओं के बीच। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कल्पना सोरेन बुधवार की दोपहर चुनाव प्रचार के लिए राज्य के खूंटी पहुंची। इस दौरान उनकी सभी में मतदाताओं को भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा।

इस दौरान कल्पना सोरेन ने खूंटी जिले में सभा के दौरान साल 2019 के पत्थलगड़ी आंदोलन का जिक्र किया। उन्होंने जनजातीय समुदाय के लोगों को याद दिलाया कि कैसे बीजेपी ने उनके लड़कों पर देशद्रोह का मामला दर्ज कर दिया था। बता दें, कल्पना सोरेन के प्रचार प्रयासों ने पार्टी में जोश भर दिया है।
रैलियों के बाद अपने निर्वचन क्षेत्र गिरिडीह के देती है समय
जेएमएम के एक नेता ने कहा, कल्पना सोरेन अपने चॉपर से रोज पांच जन सभाएं करती हैं और शाम का समय अपने निर्वचन क्षेत्र गिरिडीह के गांडेय के लिए रखती हैं। सोरेन परिवार के एक करीबी सूत्र ने बताया कि कल्पना अब हेमंत सोरेन से ज़्यादा लोकप्रिय हैं, समय की कमी के बावजूद उन्हें रोज़ाना 10-12 मीटिंग के अनुरोध मिल रहे हैं।
कल्पना सोरेन का राजनीतिक सफर
कल्पना सोरेन राजनीति में तेजी से आगे बढ़ी हैं। राज्य के मुख्यमंत्री को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद उनकी नई भूमिका सामने आई। उन्होंने अपना पहला भाषण मुंबई के आजाद मैदान में राहुल गांधी की रैली के दौरान दिया और बाद में दिल्ली के रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के खिलाफ इंडिया ब्लॉक रैली में शामिल हुईं।
कल्पना ने कहा कि 2024 की शुरुआत से ही चुनौतियों ने उन्हें बदल दिया है। अब उन पर पारिवारिक जिम्मेदारियां हैं और गुरुजी (शिबू सोरेन) और जेएमएम ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। जैसे ही वह अपने हेलीकॉप्टर की ओर बढ़ीं, उन्होंने बांस के बैरिकेड्स पर झुकते हुए समर्थकों का 'जोहार' कहकर अभिवादन किया।
तेजतर्रार शैली और भाषणों ने बनाया लोकप्रिय
कल्पना सोरेन की तेजतर्रार शैली और पार्टी कार्यक्रमों में उनके भाषणों ने उन्हें मतदाताओं के बीच काफी लोकप्रिय बना दिया। बता दें, मार्च 1985 में जन्मी कल्पना सोरेन ने ओडिशा से एमबीए किया है। इतना ही नहीं, एमबीए की डिग्री के साथ इंजीनियरिंग ग्रेजुएट भी है। मनी लॉन्ड्रिंग माले में पति हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद कल्पना ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा था।
बीजेपी पर बोला हमला
कल्पना सोरेन ने एक जनसभा के दौरान बीजेपी के नारे 'बटेंगे तो कटेंगे' की आलोचना की और इसे भाजपा की कमजोरी बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा के कुछ नेता सम्मानजनक पदों पर हैं और इस तरह के बयान देना शर्मनाक है। उनके अनुसार स्थानीय भाजपा नेताओं के पास दिखाने के लिए उपलब्धियां नहीं हैं।












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