Jharkhand Chunav Result: JMM का झारखंड में बेहतरीन प्रदर्शन, क्या रही पार्टी के जादू के पीछे की 5 वजह?
Jharkhand Chunav Result: झारखंड विधानसभा चुनाव में इंडिया ब्लॉक की स्थिति काफी मजबूत नजर आ रही है। खासकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। अभी तक के रुझानों में झारखंड में इंडिया ब्लॉक सत्ता बरकरार रखती नजर आ रही है। इंडिया ब्लॉक ने 81 में से 50 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है। इन 50 में से 28 सीटें केवल JMM के पाले में हैं।
पहले से भी झारखंड में JMM सत्ता में है लेकिन बीच में कई उतार-चढ़ाव भी आए। हेमंत सोरेन का जेल जाना, चंपाई सोरेन का सीएम बनना और फिर दोबारा हेमंत का मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठना। इस प्रकरण में सालों से JMM के साथ रहे चंपाई भी पार्टी छोड़ भाजपा के साथ चले गए। हालांकि, एग्जिट पोल में NDA और INDIA ब्लॉक के बीच कांटे का मुकाबला दिख रहा था।

रुझानों ने भी एग्जिट पोल के नतीजों पर मुहर लगा दी है। इंडिया ब्लॉक शानदार बढ़त बनाए हुए है ही साथ ही साथ, JMM और कांग्रेस ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि JMM को सिंपैथी वोट मिलना भी उनके बेहतर प्रदर्शन का एक कारण है। आइए नजर डालते हैं झारखंड में JMM के बेहतर प्रदर्शन के पीछे के कारणों पर...
हेमंत सोरेन को मिला सिंपैथी वोट
हेमंत सोरेन ने अपने जेल जाने के मुद्दे को झारखंड चुनाव में जमकर भुनाया है। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और इसी क्रम में जनता का सिंपैथी वोट भी गेन किया है।
गठबंधन की प्रबलता
झारखंड में इंडिया ब्लॉक एक टीम की तरह बेहतर प्रदर्शन करती नजर आई है। आमतौर पर ऐसा देखा गया है कि अन्य राज्यों में कांग्रेस अपने सहयोगी दलों को अपना वोट ट्रांसफर नहीं करा पाती है लेकिन झारखंड में कांग्रेस JMM को वोट ट्रांसफर कराने में कामयाब हुई है। एक कारण यह भी है JMM के बेहतर प्रदर्शन का।
भाजपा का दांव हुआ फेल
भाजपा ने झारखंड में आक्रामक अभियान चलाया और आरोप लगाया कि "घुसपैठिए" राज्य की जनसांख्यिकी को बदल रहे हैं और भूमि और नौकरियों को हड़प रहे हैं। ये दांव भी झामुमो को पछाड़ नहीं पाया और लोगों ने एक बार फिर अपनी पुरानी सरकार पर भरोसा जताया है।
अनुसूचित जनजाति का सपोर्ट
झारखंड में अनुसूचित जनजाति-आरक्षित सीटें इंडिया ब्लॉक के पास रह रही हैं। इस बार भी अनुसूचित जनजाति ने झामुमो और इंडिया ब्लॉक में अपना विश्वास दिखाया है।
JMM के वरिष्ठ नेता तो तोड़ने का भी नहीं हुआ फायदा
चुनाव से पहले झामुमो के नंबर 2 और वरिष्ठ आदिवासी नेता चंपई सोरेन को अपने पक्ष में करने का भाजपा का दांव भी काम नहीं आया। चंपई के भाजपा में शामिल होने के बाद भी वो JMM का वोट काटने में सफल नहीं हो पाए और जनता ने झामुमो के पक्ष में मतदान किया।
52 सीटों पर आगे INDIA ब्लॉक
दोपहर 1 बजे तक झारखंड की 28 एसटी-आरक्षित सीटों में से जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन 23 पर आगे चल रहा था। बीजेपी सिर्फ पांच सीटों पर आगे थी। लोकसभा चुनाव में बीजेपी सभी आदिवासी सीटें भी हार गई थी। राज्य की आबादी में लगभग 27% जनजातीय मतदाता हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि झामुमो नंबर 2 और वरिष्ठ आदिवासी नेता चंपई सोरेन को अपने पक्ष में करने का भाजपा का दांव भी काम नहीं आया। 81 में से 52 सीटों पर इंडिया ब्लॉक की बढ़त बरकरार है।












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