Jharkhand Chunav: महिला मतदाताओं की निर्णायक भूमिका, 32 निर्वाचन क्षेत्रों में बना सकती हैं समीकरण
Jharkhand Assembly Election 2024: झारखंड में आगामी विधानसभा चुनावों में महिला मतदाताओं का प्रभाव निर्णायक साबित हो सकता है। विशेष रूप से उन 32 निर्वाचन क्षेत्रों में जहां उनकी संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक है। इन महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के गढ़ भी शामिल हैं। जहां महिला मतदाताओं का समर्थन चुनावी नतीजों को सीधे प्रभावित कर सकता है। चुनाव दो चरणों में 13 और 20 नवंबर को होंगे। जबकि मतगणना 23 नवंबर को होगी। जो राज्य के राजनीतिक भविष्य का निर्धारण करेगी।
बरहेट और सरायकेला में बना सकती समीकरण
बरहेट जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र जहां से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चुनाव मैदान में हैं। कुल 2.25 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाताओं में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से लगभग 6,000 अधिक है। इसी प्रकार सरायकेला जहां से पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा उम्मीदवार चंपई सोरेन चुनाव लड़ रहे हैं। महिला मतदाताओं की संख्या 3.69 लाख से अधिक मतदाताओं में पुरुषों से थोड़ी अधिक है। यह स्पष्ट करता है कि इन निर्वाचन क्षेत्रों में महिला वोटरों की पसंद चुनावी नतीजों पर सीधा असर डाल सकती है।

महिला मतदाताओं को रिझाने की होड़
महिला मतदाताओं की बढ़ती संख्या और उनके प्रभाव को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस चुनाव में उन्हें रिझाने के लिए खास प्रयास कर रहे हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने मैय्या सम्मान योजना शुरू की है। जिसके तहत राज्य की 50 लाख से अधिक महिलाओं को 1,000 रुपए प्रति माह की सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वादा किया है कि अगर उनकी सरकार फिर से सत्ता में आती है तो इस राशि को दिसंबर से बढ़ाकर 2,500 रुपए कर दिया जाएगा। दूसरी ओर भाजपा ने गोगो दीदी योजना का प्रस्ताव रखा है। जिसमें सत्ता में आने पर महिलाओं के खातों में 2,100 रुपए प्रति माह ट्रांसफर करने का वादा किया गया है।
32 में से 26 निर्वाचन क्षेत्र आदिवासी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित
झारखंड के 81 विधानसभा सीटों में से 28 सीटें आदिवासी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं। जिनमें से 32 निर्वाचन क्षेत्रों में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है। इनमें से 26 आरक्षित सीटों पर महिला मतदाताओं का महत्वपूर्ण प्रभाव होगा। इस आरक्षण प्रणाली का उद्देश्य राज्य की राजनीति में आदिवासी समुदायों और महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाना है।
झारखंड में 2.60 करोड़ पंजीकृत मतदाता
राज्य में 2.60 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। जिनमें 1.31 करोड़ पुरुष और 1.29 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। इस साल के चुनावों में 11.84 लाख नए मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। जिसमें 1.13 लाख ऐसे मतदाता भी शामिल हैं। जो विकलांग, थर्ड जेंडर, या 85 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। इस विविधता के बीच मझगांव निर्वाचन क्षेत्र में सबसे बड़ा लिंग अनुपात का अंतर है। जहां 1.12 लाख पुरुषों के मुकाबले 1.21 लाख महिला मतदाता हैं।
महिला मतदाताओं के समर्थन पर टिकी जीत की उम्मीदें
आगामी विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं की भूमिका निर्णायक होगी। खासकर उन निर्वाचन क्षेत्रों में जहां उनकी संख्या पुरुषों से अधिक है। राजनीतिक दलों के लिए महिला मतदाताओं का समर्थन प्राप्त करना अनिवार्य हो गया है और उनके लिए विशिष्ट योजनाओं की घोषणा करना पार्टी की रणनीति का हिस्सा बन गया है। यह चुनाव झारखंड के राजनीतिक भविष्य को आकार देने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। जो राज्य की नीतियों और शासन पर गहरा प्रभाव डालेगा।
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