झारखंड: एक साथ 15 लोगों को कोर्ट ने दी मौत की सजा, वर्चस्व के लिए जेल में की थी कैदी की हत्या
रांची, 18 अगस्त। झारखंड की जमशेदपुर कोर्ट ने हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए 15 लोगों को मौत की सजा सुनाई है। इन सभी ने घाघीडीह जेल के अंदर बंद कैदी मनोज सिंह को पीट-पीट कर मार डाला था। अदालत ने इन सभी को हत्या करने का दोषी पाया था।

घटना 2019 की है जब मनोज सिंह दहेज हत्या के मामले में घाघीडीह जेल में बंद था। इसी दौरान जेल में अपना वर्चस्व साबित करने के लिए मनोज सिंह की जेल के अंदर ही पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी।
ये था मामला
जून 2019 के एक दिन घाघीडीह जेल में टेलीफोन बूथ पर बात करने को लेकर कैदियों के गुटों में विवाद हो गया। इसमें अखिलेश गिरोह के हरीश सिंह, सुमित सिंह, मनोज सिंह और अविनाश समेत अन्य लोगों ने पंकज दुबे नाम के एक कैदी को पीट दिया। हमले के विरोध में कैदियों ने हमला बोल दिया। इस दौरान मनोज सिंह भागकर जेल के ऊपरी तल्ले में छिप गया। मनोज का पीछा करते हुए 15 सजायाफ्ता कैदियों ने उसे ढूढ़ निकाला और जमकर पीटा। मनोज सिंह को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 15 आरोपियों को हत्या का दोषी पाया। गुरुवार को कोर्ट ने सभी दोषियों को मौज की सजा सुनाई। जिन दोषियों को सजा ए मौत दी गई है वे सभी घाघीडीह जेल में बंद हैं। जमशेदपुर में ये पहला मामला है जब कोर्ट ने एक साथ 15 लोगों को फांसी की सजा सुनाई है। हालांकि अभी ये ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।












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