Jharkhand: किसानों, बेटियों और छात्र-छात्राओं के लिए हर कदम साथ खड़ी है हेमंत सोरेन सरकार
झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में किसानों, बच्चियों और छात्र-छात्राओं की जरूरतों पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। सरकार इनके कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है।

झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के तीन साल के कार्यकाल में किसानों, बेटियों और छात्र-छात्राओं समेत समाज के हर वर्ग और हर जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ मिल रहा है। मानसून में बारिश की कमी को देखते हुए बिना देर किए 22 जिलों के 226 ब्लॉक में किसानों के लिए तत्काल मुख्यमंत्री सुखाड़ योजना लागू किया गया। इसके तहत सूखा प्रभावित किसान परिवारों को तत्काल 3,500 रुपए की अनुग्रह राशि देने का इंतजाम है। किसानों को जब मानसूनी बारिश से धोखा मिले तो उनपर क्या गुजरती है, यह हमारा अन्नदाता ही समझ सकता है। ऐसे में अगर सरकार उसके आंसू पोंछने के लिए साथ खड़ी रहती है तो इससे अच्छी क्या बात हो सकती है।
बेटियों को खुद फैसला लेने योग्य बनाया जा रहा है
इसी तरह सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का प्राथमिक लक्ष्य नारी सशक्तिकरण है। इसके तहत बेटियों की शिक्षा पर जोर दिया जाता है। इसके जरिए बाल विवाह प्रथा का अंत हो पा रहा है और बेटियां उच्चतर शिक्षा ले पा रही हैं। स्कूल ड्रॉपआउट की प्रवृत्ति कम करने की भी कोशिश हो रही है। यह योजना बेटियों की शिक्षा पर ही केंद्रित नहीं है, बल्कि इसमें उनके संपूर्ण स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाता है। कुल मिलाकर प्रयास ये है कि वह अपने जीवन का निर्णय खुद लेने के योग्य और सक्षम बनें। इसके लिए राज्य सरकार क्लास 8 और 9 में पढ़ने वाली बालिकाओं को 2,500 रुपए, क्लास 10, 11 और 12 में दाखिला ले चुकी बालिकाओं को 5,000 रुपए आर्थिक लाभ दे रही है। वहीं 18-19 साल की लड़कियों को एकमुश्त 20,000 रुपए अनुदान के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है।
छात्र-छात्राओं के साथ कदम मिलाकर चल रही है सरकार
इसके अलावा झारखंड के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से राज्य में छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए और ड्रॉपआउट की समस्या के निदान के लिए प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के तौर पर क्लास-1 से आगे की पढ़ाई के लिए सरकारी मदद दी जा रही है। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत इन वर्गों के बच्चों को क्लास 1 से 5 जो 500 रुपए दिया जाता था, उसे बढ़ाकर 1,500 रुपए कर दिया गया है। बाकी वर्ग के छात्र-छात्राओं को भी जो लाभ पहले दिया जाता था, उसकी राशि बढ़ाकर लगभग दोगुनी कर दी गई है। ये रकम छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से दी जाती है।
हर प्रक्रिया को सरल बनाने का हो रहा है काम
इसी तरह मैट्रिक से आगे की पढ़ाई के लिए दी जाने वाली अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के बच्चों की छात्रवृत्ति को पहले के अधिकतम 50,000 रुपए से बढ़ाते हुए अधिकतम 1,00,000 रुपए कर दी गयी है। इतना ही नहीं, शैक्षणिक संस्थानों की ओर से छात्रवृत्ति के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। साथ ही साथ प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन को भी काफी आसान कर दिया गया है।












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