बागेश्वर महाराज पर हमले की खबर निकली गलत, यात्रा में लगी मोबाइल से चोट, जानिए क्या बोले-धीरेंद्र शास्त्री
Baba Bageshwar News: झांसी में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जो बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर हैं, अपनी सनातन हिंदू एकता पद यात्रा के दौरान अचानक एक घटना का शिकार हो गए। यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु ने फूलों के साथ उनके ऊपर एक मोबाइल फेंक दिया, जो सीधे उनकी कनपटी पर आकर लगा। इस घटना से वह थोड़े चौंक गए, लेकिन उन्होंने खुद को संभालते हुए कहा कि जो भी मोबाइल फेंका गया, वह उन्हें मिल गया है।
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इसके बाद इस घटना के बारे में अफवाहें फैलने लगीं कि बागेश्वर महाराज पर हमला हुआ है। मामला पुलिस तक पहुंचा और कुछ समय में यह खबर वायरल हो गई कि उनके ऊपर किसी ने हमला किया। हालांकि, पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस अफवाह का तुरंत खंडन किया।

उन्होंने यात्रा के दौरान लाउडस्पीकर से बयान जारी करते हुए कहा, "मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरे ऊपर किसी तरह का हमला नहीं हुआ है। यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु का मोबाइल गलती से आकर मुझसे टकरा गया था। इसमें कोई साजिश नहीं है।"
उन्होंने यह भी कहा कि "दोनों प्रदेशों का शासन और प्रशासन सख्त है और किसी भी तरह की साजिश नहीं हो रही है।"
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस घटना को लेकर जनता से अफवाहों से बचने की अपील की और बताया कि किसी भी तरह की कोई असामान्य स्थिति नहीं है। उन्होंने अपने अनुयायियों को आश्वस्त किया कि उनकी यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित है और वह सशक्त रूप से आगे बढ़ते रहेंगे।
बागेश्वर महाराज की 'सनातन हिंदू एकता' यात्रा: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दी चेतावनी, देश को गृहयुद्ध से बचाने की अपील
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 'सनातन हिंदू एकता' यात्रा का आज छठा दिन है, और यात्रा ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर से अपनी शुरुआत की। इस यात्रा का उद्देश्य देश में हिंदू एकता को बढ़ावा देना और समाज में सांप्रदायिक सौहार्द को सुदृढ़ करना है। यात्रा के दौरान पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गंभीर चेतावनी दी, जिसमें उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की यात्राओं का आयोजन न किया गया, तो देश के विभिन्न हिस्सों में गृहयुद्ध छिड़ सकता है।
यात्रा की शुरुआत करते हुए पंडित शास्त्री ने कहा, "अगर ऐसी यात्राओं के प्रयोग न हुए तो देश गृहयुद्ध झेलेगा। आठ से नौ राज्यों में भयंकर गृहयुद्ध होगा, जिसमें लाखों की जनहानि होगी। देश को गृहयुद्ध से बचाना जरूरी है।" उनका यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि समाज में बढ़ती सांप्रदायिकता और असहमति को शांति और एकता के माध्यम से दूर किया जा सकता है।
वह इस यात्रा के माध्यम से हिंदू एकता और धर्म के प्रति जागरूकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझे और समाज में सौहार्द बना रहे। पं. शास्त्री ने यात्रा के छठे दिन तक करीब 80 किमी की दूरी तय की है, और उनका मानना है कि इस यात्रा से लोग एकजुट होंगे और समाज में शांति का माहौल बनेगा।
शास्त्री की यात्रा में उनके अनुयायी और समर्थक बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं, और उनके इस मिशन को लेकर लोगों में जागरूकता फैल रही है।












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