Mulayam Singh Yadav की तेरहवीं के लिए वसूला गया चंदा? पर्ची वायरल होने पर रद्द हुआ कार्यक्रम
जौनपुर में चंदा उतार कर Mulayam Singh Yadav के निधन पर तेरहवीं का आयोजन किया जाना था, हालांकि सपा नेताओं के आपत्ति के बाद कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया
समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Mulayam Singh Yadav के निधन के बाद उनके परिवार द्वारा कहा गया कि तेरहवीं का कार्यक्रम नहीं किया जाएगा। लेकिन मुलायम सिंह यादव की तेरहवीं कराने के नाम पर जौनपुर जिले में चंदा उतारा जाने लगा। तेरहवीं भोज और भंडारा कराने के लिए चंदा उतारे जाने के लिए काटी गई रसीद की फोटो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो समाजवादी नेताओं द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई। उसके बाद कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया। लोगों द्वारा यह भी आरोप लगाया गया कि इस कार्यक्रम के नाम पर ठगी करने के लिए ऐसा किया गया है।

लोगों से बकायदा उतारा गया चंदा
दरअसल मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद सोशल मीडिया पर एक पर्ची वायरल हुई। पर्ची में मुलायम सिंह यादव की तेरहवीं और भंडारा कराए जाने की बात लिखी गई थी। तेरहवीं कराए जाने वाले स्थान में मड़ियाहूं इलाके के पाली बिजौरा का नाम लिखा गया था। आयोजन कर्ता में किसी का नाम नहीं लिखा गया था जबकि आयोजक में समस्त क्षेत्रवासी मड़ियाहूं जौनपुर लिखा गया था। पर्ची पर लिखा है कि सुरेंद्र यादव नामक जमालपुर निवासी अध्यापक द्वारा 5000 हजार रुपए की सहायता की गई है और प्राप्तकर्ता के जगह पर जगदीश यादव के नाम से हस्ताक्षर किया गया है।

सपा नेताओं द्वारा जताई गई नाराजगी
किसी व्यक्ति द्वारा इस रसीद की फोटो बना ली गई और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वायरल होने के बाद जौनपुर ही नहीं उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों के समाजवादी नेताओं तक भी यह पर्ची पहुंच गई। कई लोगों ने यह भी कहा कि मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद तेरहवीं आयोजित करने के नाम पर ठगी की जा रही है। पर्ची देखकर समाजवादी नेताओं द्वारा आपत्ति जताई गई। बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद आयोजक मंडल द्वारा इस कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है।

तेजी से चल रही थी कार्यक्रम की तैयारी
इस बारे में पड़ताल करने पर पता चला कि जगदीश यादव लोकगीत गायक है और समाजवादी पार्टी से जगदीश यादव का जुड़ाव भी रहा है। जगदीश यादव द्वारा बताया गया कि वह इस कार्यक्रम के आयोजक नहीं हैं, कार्यक्रम पूरे गांव वासियों के सहयोग से कराया जा रहा था। हालांकि गांव में तैयारियां पूरी कर ली गई थी लेकिन समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा आपत्ति किए जाने के बाद कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया। यह भी बताया जा रहा है कि जितने लोगों से चंदा लिया गया था उनको वापस भी करा दिया गया।












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