UP: बाहुबली धनंजय सिंह के चुनाव लड़ने का रास्ता साफ, STF ने जांच रिपोर्ट में हटाई गैरजमानती धारा
जौनपुर, 15 फरवरी: अजीत सिंह हत्याकांड में आपराधिक साजिश के आरोपी पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरेंगे। धनंजय सिंह के चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया है। दरअसल, हत्याकांड की विवेचना कर रही एसटीएफ ने धनंजय को गैर जमानती धाराओं से जमानती धाराओं का आरोपी बनाते हुए कोर्ट में एक रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट के आधार पर धनंजय सिंह को अब हत्या के मामले में जमानत लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। धनंजय सिंह अब गुरुवार को सातवें चरण के नामांकन की अंतिम तारीख तक नामांकन दाखिल करने के साथ ही खुलकर चुनाव प्रचार कर सकेंगे।

अजीत सिंह हत्याकांड
लखनऊ में 6 जनवरी 2021 की शाम विभूतिखंड में जब मऊ के पूर्व ब्लाक प्रमुख और हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बाहुबली धनंजय सिंह का नाम आया। लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने जांच में धनंजय को हत्याकांड की साजिश में शामिल होने का आरोपी बनाते हुए उस पर 25000 रुपए का इनाम घोषित किया था। इसके बावजूद धनंजय सिंह खुलेआम घूमता रहा और पुलिस उसतक नहीं पहुंच सकी।
अब खुलकर प्रचार कर सकता है धनंजय सिंह
इस बीच चुनाव लड़ने के लिए उसने सेशन कोर्ट में समर्पण के लिए एक याचिका दाखिल की। इस याचिका पर 19 फरवरी को सुनवाई होनी है। उधर, अजीत सिंह हत्याकांड में एफआईआर दर्ज कराने वाले मोहर सिंह ने भी धनंजय के सरेंडर की अर्जी का विरोध किया है जिस पर 18 फरवरी को सुनवाई की जाएगी। इधर, अजीत सिंह की पत्नी ने कोर्ट में इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक अर्जी दाखिल की थी। इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एसटीएफ से रिपोर्ट मांगी, जिसके जवाब में एसटीएफ ने अपनी रिपोर्ट में बाहुबली धनंजय सिंह को पुलिस से जानकारी छिपाने और अजीत सिंह की हत्या करने वाले शूटरों को संरक्षण देने का दोषी बनाते हुए रिपोर्ट सौंप दी। बता दें, एसटीएफ ने धनंजय सिंह को जिन दो धाराओं के आरोपी बनाया है, वो जमानती हैं। ऐसे में अब धनंजय सिंह खुलकर प्रचार कर सकता है। धनंजय सिंह इस बार का चुनाव जौनपुर की मल्हनी सीट से जदयू के टिकट पर लड़ रहे हैं।












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