जम्‍मू में सरपंच के सवाल का जवाब नहीं दे पाये राहुल गांधी

Rahul Gandhi
जम्मू। यूपीए सरकार की तीसरी पारी का सपना देख रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को तमाम कांग्रेसी प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं, लेकिन वो व्यक्ति जो एक सरपंच के सवाल का जवाब नहीं दे पाये, क्या आप उसे पीएम के रूप में देखना चाहेंगे? शायद नहीं। जी हां जैसे-जैसे 2014 करीब आ रहा है, वैसे-वैसे राहुल गांधी की सवालों के जवाब देने की क्षमता कम होती जा रही है, जो जम्मू में ग्राम पंचायत के सदस्यों व कार्यकर्ताओं की एक सभा में देखने को मिला, जब एक सरपंच ने महज एक सवाल उनके सामने रख दिया।

सरपंच ने कहा हमें जो कुछ भी मिला है, केंद्र सरकार की वजह से मिला है, राज्य ने हमारे लिये कुछ नहीं किया, ऐसा क्यों? इस पर राहुल के समर्थकों ने उस सरपंच को फटकार कर बैठने को बोल दिया, जबकि राहुल महज एक बात कह पाये, "सुनो सुनो मैं फिर कुछ कह रहा हूं, मैं यहां फिर आऊंगा और तब तक आता रहूंगा, जब तक आपकी लड़ाई पूरी नहीं हो जाती।"

इस सभा में हंगामा भी हुआ, लोगों ने राहुल पर नाराजगी भी व्यक्त की, लेकिन बड़ी मजबूरी की वजह से राहुल इस सवाल का जवाब नहीं दे पाये। मजबूरी है- उमर अब्दुल्ला। जी हां 2014 के चुनाव में कांग्रेस को उमर व उनकी पार्टी का साथ हर हाल में चाहिये होगा। मुलायम सिंह के सुर पहले ही बदलते दिखाई दे रहे हैं, यानी उनसे उम्मद कतई नहीं की जा सकती है। मायावती तीसरे मोर्चे की ओर आकर्षित हो रही हैं, लिहाजा उमर की नेशनल कॉन्फ्रेंस का साथ छूटने से यूपीए पूरी तरह टूट सकता है। ऐसे में राहुल गांधी के लिये एक सरपंच का सवाल राहुल के लिये उमर से बढ़कर कैसे हो सकता है, क्योंकि अगर वो सवाल का जवाब देते तो उमर की फजीहत होती।

क्या कहा भाषण में

कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज जम्मू कश्मीर के दौरे पर हैं, जहां पर उन्होने ग्राम पंचायतों को संबोधित किया। राहुल ने कहा कि अगर जम्मू कश्मीर को बदलना है तो सबसे पहले ग्राम पंचायतों को मजबूत करना होगा। आज जरूरत है कि लोकल बॉडी को ताकत दी जाए और सच तो यह है कि जो काम ग्राम पंचायतें कर सकती हैं वो सांसद या विधायक नहीं कर सकते हैं उन्होने लोगों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि मुझे आपकी बातों को शिकायतों को सुनना है, तभी मैं यहां आया हूं, नहीं तो मैं न आता।

राहुल ने कहा कांग्रेस पार्टी अधिकार की राजनीति करती है, हमने भोजन का अधिकार दिया, रोजगार का अधिकार दिया और फिर भूमि अधिग्रहण बिल लेकर आये। भट्टा परसौल में किसानों के साथ संघर्ष के बाद हम किसानों के लिए भूमि अधिग्रहण बिल लाये हैं। इसमें एक साल का लंबा वक्त लगा। हमने सूचना का अधिकार दिया जिससे कि लोगो के हाथों में ताकत दी जा सके।

महिलाओं की तरफ इशारा करते हुए राहुल ने कहा कि यहां महिलाएं कम दिखाई दे रही हैं, जो कि जम्मू कश्मीर की रीढ़ हैं। इसलिए हम उन्हें मजबूत बनाना चाहते हैं। मैं यहां आता रहूंगा, जब तक आपको अधिकार नहीं मिल जाते हैं। आपकी लड़ाई कांग्रेस पार्टी की लड़ाई है। राहुल ने केरल, तमिलनाडु की प्रशंसा करते हुए कहा कि वहां पर ग्राम पंचायतें मजबूत हैं।

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