Mock drill से पहले एसडीआरएफ का डल झील पर रिहर्सल, कल पूरे देश में बजेगा सुरक्षा का सायरन
Mock Drills : 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण माहौल के बीच केंद्र सरकार ने देशभर में नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) तैयारियों को तेज कर दिया है। इस क्रम में गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs ) ने 7 मई, मंगलवार को पूरे देश में एक अभूतपूर्व और समन्वित मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया है।
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में नागरिक सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाएगी और मॉक ड्रिल के लिए अंतिम प्रोटोकॉल तय किए जाएंगे।

Mock Drills: डल झील में मॉक ड्रिल की तैयारियों में SDRF
डल झील की शांत लहरों के बीच मंगलवार को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के जवानों ने पूरे जोश और तैयारी के साथ अभ्यास किया। यह विशेष अभ्यास 7 मई को होने वाले देशव्यापी मॉक ड्रिल से पहले किया गया, जिसे गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है।
7 मई को होने वाला व्यापक नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया की तैयारियों का मूल्यांकन करना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने में किसी प्रकार की कमी न रहे।
Mock Drills: डल झील बना अभ्यास का केंद्र
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत डल झील को भी मॉक ड्रिल के अभ्यास स्थल के रूप में चुना गया है।मंगलवार को एसडीआरएफ के जवानों ने झील के किनारे और पानी के बीचोंबीच कई तरह के आपदा प्रबंधन गतिविधियों का अभ्यास किया। इसमें पानी में डूबते हुए लोगों को बचाना, प्राथमिक उपचार देना, बचाव नौकाओं का संचालन, संचार प्रणाली की जांच और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने जैसी क्रियाएं शामिल रहीं।
एसडीआरएफ अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि यह अभ्यास केवल एक तैयारी नहीं, बल्कि एक प्रतिबद्धता का प्रदर्शन है कि राज्य किसी भी प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। जवानों ने पूरी तरह से साजो-सामान से लैस होकर अभ्यास किया और हर संभावित स्थिति से निपटने के लिए रणनीति पर काम किया।
Mock Drills : देशभर के 244 जिलों में एक साथ अभ्यास
गृह मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी सलाह के अनुसार, यह मॉक ड्रिल देश के सभी 244 चिन्हित नागरिक सुरक्षा जिलों में आयोजित की जाएगी। इन जिलों को विभिन्न खतरों-जैसे युद्ध जैसी आपात स्थितियों-की दृष्टि से संवेदनशील माना गया है।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य नागरिक सुरक्षा प्रणाली की तैयारियों को परखना और उसे मजबूती प्रदान करना है। मॉक ड्रिल में युद्ध जैसी स्थिति का अनुकरण किया जाएगा, जिसमें हवाई हमलों की चेतावनी के लिए सायरनों का बजना, स्थानीय आपातकालीन सेवाओं की समन्वित प्रतिक्रिया, और जनसुरक्षा से जुड़ी गतिविधियाँ शामिल होंगी।












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