JK Exit Polls Result: आर्टिकल 370 हटाने का नहीं मिला भाजपा को फायदा? क्या कांग्रेस को भी होगा नुकसान?
J&K Exit Polls Result: जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। धरती का जन्नत कहके जाने वाले कश्मीर में पूरे दस साल बाद विधानसभा चुनाव हुए हैंं। जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणामों पर देश ही नहीं दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।
इसकी वजह है कि जम्मू-कश्मीर से अर्टिकल 370 हटने के बाद ये पहली बार चुनाव हो रहे हैं। लोग ये जानना चाहते हैं कि 5 अगस्त 2019 को मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अर्टिकल 370 हटाया था। उसका लाभ क्या भाजपा को मिलेगा,आखिर जनता का रुख क्या है।

जम्मू-कश्मीर में चुनाव न केवल मौजूदा राजनीतिक मूड का प्रतिबिंब हैं, बल्कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद क्षेत्र के भविष्य के शासन मॉडल के निर्धारक भी हैं। अर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का छीन लिया गया। जिस कारण ये चुनाव राज्य और पार्टियों के राजनीतिक भाग्य के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा बन गया।
आर्टिकल 370 हटाने का नहीं मिला भाजपा को फायदा
हालांकि भाजपा अर्टिकल 370 हटाने के बाद कश्मीर में जीत का दावें कर रही थी वो धराशायी होते नजर आ रहे हैं। एग्जिट पोल के नजीतों के अनसुार अनुच्छेद 370 को हटाने से भाजपा को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। एग्जिट पोल से पता चलता है कि अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद मतदाताओं की प्रतिक्रिया भाजपा के पक्ष में नहीं लग रही है।
उम्मीद थी कि यह कदम भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से काफी फायदेमंद साबित होगा। हालांकि, एग्जिट पोल के नतीजे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि भाजपा को इससे कोई फायदा नहीं हुआ। अनुच्छेद 370 हटाने के महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम ने मतदाताओं को उस तरह से प्रभावित नहीं किया जैसा पार्टी ने उम्मीद थी।
भाजपा कितनी सीटें जीत रही?
सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल के मुताबिक जम्मू-कश्मीर की 90 विधानसभा सीटों में से महज 27 से 32 सीटों पर चुनाव जीतती नजर आ रही है। वहीं उमर अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और कांग्रेस के गठबंधन 40 से 48 सीटें जीतने की उम्मीद है।

कांग्रेस को भी होगा नुकसान?
दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस और नेशनल कान्फ्रेंस जो चुनाव में दावे कर रही थी हम आएंगे और जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा वापस दिलाएंगे। अर्टिकल 370 को बहाल करने का वादा भले ही दोनों पार्टियों की राज्य में सरकार बनवाती नजर आ रही है। लेकिन वास्तविकता ये है कि ये कांग्रेस का सरासर झूठा वादा है क्योंकि राज्य सरकार कितना भी चाहे केंद्र सरकार की मंजूरी के बिना विशेष राज्य का दर्जा बहाल नहीं करवा सकती। अब आने वाले दिनों में 370 बहाल करने का झूठा वादा कांग्रेस और एनसी के लिए गले की फांस बन जाएगा।
कम सीट मिलने पर भी भाजपा ने किया सरकार बनाने का दावा
हालांकि भाजपा ने इस एग्जिट पोल ने सिरे से खारिज कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के भाजपा के अध्यक्ष रविन्द्र रैना ने कहा कि हम इस एग्जिट पोल पर भरोसा नहीं करते हैं। अनुमान जो भी हो लेकिन हमें यकीन है कि हमारी पार्टी सरकार बना लेगी। उनकी बातों से साफ है कि भाजपा अपने दम पर सरकार बना लेगी लेकिन वह निर्दलियों के सहारे से सरकार गठित कर सकती है।
रैना ने कहा भाजपा अकेले 35 सीटों पर जीत रही है और हमारे विचारों से सहमत करीब 12 से 15 निर्दलयी चुनाव जीत सकते हैं। वहीं भाजपा नेता जफर इस्लाम ने भी कहा हम और हमारे कुछ सहयोगी मिलकर 47 सीटों पर चुनाव जीतकर सत्ता में आ सकते है।












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