महबूबा की बेटी इल्तिजा मुफ्ती की हार क्या कश्मीर में है PDP के अंत की शुरुआत! समझिए इसके मायने
Iltija Mufti Election Result 2024: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने मंगलवार (08 अक्टूबर) को श्रीगुफवारा-बिजबेहरा निर्वाचन क्षेत्र से हार गई हैं। इल्तिजा मुफ्ती ने अपनी हार स्वीकार करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट भी किया है। इल्तिजा मुफ्ती ने कहा है कि वह जनता के जनादेश का सम्मान करती हैं।
महबूबा मुफ्ती कश्मीर की दिग्गज नेता मानी जाती हैं, ऐसे में उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती का पहला चुनाव हार जाना, पीडीपी पार्टी के लिए चिंताजनक है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पीडीपी सिर्फ तीन सीटों पर जीतती हुई दिख रही है। पिछले विधानसभा चुनाव 2014 में पीडीपी जम्मू-कश्मीर की सबसे बड़ी पार्टी थी, जिसने अकेले 28 सीटों पर जीत दर्ज की थी। 28 सीटों से 3 सीट पर आना पार्टी का शर्मनाक प्रदर्शन को दिखाता है।

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वोटरों को साधने में विफल रहीं महबूबा की बेटी इल्तिजा मुफ्ती
इल्तिजा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर की राजनीति में मुफ्ती परिवार की अगली कड़ी हैं। बिजबेहरा सीट का प्रतिनिधित्व पहले इल्तिजा मुफ्ती के नाना और महबूबा के पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद कर चुके हैं। इल्तिजा ने चुनाव प्रचार में इस चुनाव को जीतने की बहुत कोशिश की थी, उन्होंने अपने अभियान में "जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने" में पार्टी की विरासत का हवाला दिया और बताया कि कैसे उन्होंने 2014 में भाजपा के साथ गठबंधन की कीमत चुकाई। लेकिन फिर भी वो वोटरों को साधने में विफल रहीं।
5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद कश्मीर के सभी मुख्यधारा के राजनीतिक नेताओं के साथ अपनी मां महबूबा की हिरासत के बाद इल्तिजा सुर्खियों में आई थीं। उस वक्त इल्तिजा कश्मीर से बाहर थीं, तो उन्होंने अपनी माँ के ट्विटर हैंडल की कमान संभाली।

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महबूबा के नेतृत्व वाली पूरी PDP बुरी तरह हार गई
2014 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 28 सीटें जीती थीं। पीडीपी के जख्मों पर नमक छिड़कने वाली बात यह है कि इल्तिजा ने अपनी मां महबूबा और अपने दादा मुफ्ती मोहम्मद सईद की सीट से चुनाव लड़ा था। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, महबूबा ने कसम खाई थी कि जब तक जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश रहेगा, तब तक वह चुनाव नहीं लड़ेंगी।
महबूबा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व को जीत पर बधाई दी और कहा कि उनकी पार्टी रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी। मुफ्ती ने संवाददाताओं से कहा, "मैं नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व को उनकी शानदार जीत के लिए बधाई देती हूं। मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को भी स्थिर सरकार के लिए वोट देने के लिए बधाई देना चाहती हूं, न कि त्रिशंकु विधानसभा के लिए, क्योंकि लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।''
जानिए इल्तिजा मुफ्ती के बारे में?
37 वर्षीय इल्तिजा मुफ्ती ने दिल्ली के एक कॉलेज से राजनीति विज्ञान में डिग्री हासिल की। बाद में वह अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में मास्टर डिग्री के लिए यूके चली गईं और लंदन में भारतीय उच्चायोग और ऑस्ट्रेलिया इंडिया इंस्टीट्यूट में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के रूप में काम किया।












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