JK Polls: जम्मू-कश्मीर चुनाव में बगावत रोकने के लिए BJP का डैमेज कंट्रोल, टिकट से चूके नेताओं को नई जिम्मेदारी

Jammu Kashmir Assembly Election 2024: जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के बीजेपी की ओर से जारी की गई लिस्ट के बाद बगावत के स्वर तेज हो रहे हैं। टिकट ना मिलने से भाजपा में अंदरूनी खींचतान चल रही है। ऐसे में पार्टी ने डैमेज कंट्रोल करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत टिकट से चूके दिग्गजों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोमवार को पूर्व मंत्री सत शर्मा को पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। साथ ही पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह और कविंदर गुप्ता को चुनाव प्रचार पैनल और चुनाव प्रबंधन समितियों का प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी है।

Jammu Kashmir Election

इस बार नहीं मिला पार्टी से टिकट

जम्मू-कश्मीर के तीनों वरिष्ठ नेताओं को विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ने टिकट नहीं दिए गए। 2014 में सत शर्मा जम्मू पश्चिम और निर्मल सिंह बिलावर सीट से भाजपा विधायक चुने गए थे। इस बार अरविंद गुप्ता जम्मू पश्चिम से चुनाव लड़ेंगे, जबकि सतीश शर्मा बिलावर से चुनाव लड़ेंगे।

कविंदर गुप्ता पहले गांधी नगर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे, लेकिन 2022 के परिसीमन के बाद उन्हें बाहु या आरएस पुरा जम्मू दक्षिण निर्वाचन क्षेत्रों में से किसी के लिए नहीं चुना गया। इसके बजाय, विक्रम रंधावा बाहु से चुनाव लड़ेंगे, और प्रोफेसर नरिंदर सिंह रैना आरएस पुरा जम्मू दक्षिण से चुनाव लड़ेंगे।

चौधरी सुखनंदन को दी नई जिम्मेदारी

जेपी नड्डा ने चौधरी सुखनंदन को पार्टी की जम्मू-कश्मीर चुनाव अभियान समिति का उपाध्यक्ष भी नियुक्त किया। पूर्व मंत्री सुखनंदन मढ़ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक हैं, जिसे परिसीमन के बाद अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित कर दिया गया था। इस बार भाजपा नेतृत्व ने मढ़ सीट से सुरिंदर भगत को मैदान में उतारा है।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार सुखनंदन इस फैसले से नाराज थे, क्योंकि वह चाहते थे कि उनके निर्वाचन क्षेत्र से उनकी पसंद का उम्मीदवार उतारा जाए। हालांकि, टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा में अभी भी विवाद जारी है।

पवन खजूरिया के बागी होने के संकेत

जम्मू-कश्मीर पार्टी के महासचिव पवन खजूरिया के उधमपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ने की संभावना है। वह आगामी चुनावों में इस सीट पर नजर गड़ाए हुए थे, लेकिन पार्टी ने यहां से आर एस पठानिया को मैदान में उतारा है।

खजूरिया के सैकड़ों समर्थकों ने सोमवार को जम्मू में बैठक की और भाजपा आलाकमान को बुधवार दोपहर तक अपना फैसला बदलने की चेतावनी दी। वरना उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि खजूरिया उधमपुर पूर्व से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।

35 साल से अधिक समय से भाजपा से जुड़े खजूरिया भी तीन घंटे तक चली बैठक में मौजूद थे। खजूरिया को 2014 के चुनावों में भाजपा ने उधमपुर से मैदान में उतारा था, लेकिन वह पार्टी के बागी पवन गुप्ता से हार गए थे, जिन्होंने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा था।

टिकट बंटवारे को लेकर इस्तीफे

जम्मू पूर्व से युदवीर सेठी की उम्मीदवारी के विरोध में वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्र मोहन शर्मा ने इस्तीफा दे दिया। इसी तरह सांबा से पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह सलाथिया के नामांकन के विरोध में सांबा जिला अध्यक्ष कश्मीर सिंह ने भी इस्तीफा दे दिया। सलाथिया कुछ साल पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।

इधर, आर एस पठानिया 2014 के चुनावों से पहले कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए थे और पैंथर्स पार्टी के हर्ष देव सिंह को हराकर रामनगर सीट जीती थी। ऐसे में भाजपा के भीतर चल रहा असंतोष विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच पार्टी में कलह को उजागर कर रहा है।

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