राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार गिराने की साजिश में क्या है हथियार तस्करी का कनेक्शन?

जयपुर। राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार गिराए जाने की कथित रूप से साजिश रचे जाने का मामला सुर्खियों में है। राजस्थान एसओजी ने पूरे प्रकरण में दस जुलाई 2020 को एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। विधायकों की खरीद फरोख्त करके कांग्रसे की अशोक गहलोत सरकार के तख्ता पलट की यह साजिश किसने और कैसे रची। इस बात का सिलसिलेवार जिक्र एसओजी की एफआईआर में है।

आइए जानते हैं कि राजस्थान की सियासत के इस सबसे बड़े घटनाक्रम की पूरी कहानी एसओजी की एफआईआर की जुबानी।

Recommended Video

    Rajasthan में सरकार गिराने की कोशिश ?, CM Ashok Gehlot का BJP पर बड़ा आरोप | वनइंडिया हिंदी
    मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के बीच झगड़े का जिक्र

    मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के बीच झगड़े का जिक्र

    एफआईआर में लिखा है कि एसओजी द्वारा 13 जून 2020 को अवैध हथियारों की तस्करी की रोकथाम के लिए मोबाइल नंबर 9929229909 व अवैध विस्फोटक पदार्थ की तस्करी की रोकथाम के लिए मोबाइल नंबर 8949065678 को अन्तावरोध के लिए लिया गया। उपरोक्त मोबाइल नंबर में हो रही बातचीत से प्रकट होता है कि वर्तमान में स्थापित राज्य सरकार को गिराने का प्रयास किया जा रहा है। बातचीत में ऐसी वार्ता की जा रही है कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री में झगड़ा चल रहा है। ऐसी स्थिति में सत्ता पक्ष कांग्रेस पार्टी व निर्दलीय विधायकों को तोड़कर सरकार गिराई जाए।

     विधायक रमीला खड़िया व महेन्द्र जीत सिंह मालवीय का भी जिक्र

    विधायक रमीला खड़िया व महेन्द्र जीत सिंह मालवीय का भी जिक्र

    सूत्र सूचना से यह भी जानकारी में आया है कि कुशलगढ़ विधायक श्रीमती रमीला खड़िया को एक भाजपा नेता द्वारा धन का प्रलोभन देकर अपने पक्ष में करने का प्रयास किया जा रहा है। श्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय के संबंध में भी चर्चा वार्ता करते हैं कि पहले वो उप मुख्यमंत्री के पाले में थे। अब उन्होंने पाला बदल लिया है। कांग्रेस विधायकों एवं निर्दलीय विधायकों को 20-25 करोड़ रुपए के प्रलोभन देने की जानकारी भी सूत्रों से प्राप्त हुई है।

    भाजपा की इच्छा-हमारा हो मुख्यमंत्री

    उपरोक्त नंबरों की वार्ता में यह भी सामने आया है कि वर्तमान सरकार को गिराकर नया मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, लेकिन भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री हमारा होगा और उप मुख्यमंत्री को केन्द्र में मंत्री में बना दिया जाएगा, लेकिन उप मुख्यमंत्री का कहना है कि मुख्यमंत्री वो बनेंगे। यह भी इन वार्ताओं में जिक्र आया है। राज्यसभा चुनाव से पहले सभी विधायकों को एकत्रित किए जाने पर वार्ता करते हैं कि 25-25 करोड़ वाला मामला अब टांय टांय फिस्स हो गया है। यह भी बातचीत से ज्ञात हुआ है कि राज्यसभा चुनाव से पहले ही राजस्थान सरकार को गिराने की पूरी हो गई थी।

     महेश जोशी, मुख्य सचेतक कांग्रेस ने भी दिया परिवाद

    महेश जोशी, मुख्य सचेतक कांग्रेस ने भी दिया परिवाद

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री राजस्थान ने भी राज्यसभा चुनाव से पहले भाजपा द्वारा विधायकों को 25-25 करोड़ रुपए का प्रलोबन देकर खरीदने की बात कही थी। इसी संबंध में श्री महेश जोशी, मुख्य सचेतक कांग्रेस का भी परिवाद प्राप्त हुआ था कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के विधायकों व इसको समर्थन दे रहे विधायकों को प्रलोभन देकर राज्यसभा चुनाव में वोटिंग को भी प्रभावित करने व सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री दिल्ली दौरे के संबंध में वार्ता करते हैं कि बड़े-बड़े राजनैतिक फैसले दिल्ली में हो रहे हैं और 30 जून के बाद घटनाक्रम तेजी से बढ़ेगा।

     चाहते थे 1000-2000 करोड़ कमाना

    चाहते थे 1000-2000 करोड़ कमाना

    वार्ता में यह भी प्रकट हुआ है कि इस तरह वर्तमान सरकार को गिराकर नई सरकार का गठन करवाकर ये लोग 1000-2000 करोड़ कमा सकते हैं। यह भी कहते हैं कि यह तभी होगा, जब इनके हिसाब से मुख्यमंत्री बनेगा। मंत्रीमंडल विस्तार की वार्ता से प्रकट होता है कि विस्तार करेंगे तो चार 4 आएंगे, 6 नाराज भी होंगे। फिर उप मुख्यमंत्री के ग्रह नक्षत्रों की बात करते हुए कहते हैं कि 30 जून के बाद इनके ग्रहों में तेजी आएगी और 5-10 दिन के बाद ये शपथ लेंगे। गत 2-3 दिनों में विधायकों और खास तौर पर निर्दलीय विधायकों के पास धनराशि लेकर उनसे सम्पर्क साधने की सूचना भी सूत्रों से प्राप्त हुई है।

     राजस्थान सरकार के खिलाफ घृणा व अ​प्रीति की भावना

    राजस्थान सरकार के खिलाफ घृणा व अ​प्रीति की भावना

    इन वार्ताओं से स्पष्ट है कि ये वार्ताकार सरकार गिराने की योजना में अन्य लोगों के साथ सम्मिलित हैं और इसके बाद पैसा कमाने की योजना भी बना रहे हैं। उपरोक्त से यह स्पष्ट है कि वर्तमान में लोक​तांत्रिक तरीके से चुनी हुई राजस्थान सरकार के खिलाफ घृणा व अ​प्रीति की भावना से सत्ता पक्ष, कांग्रेस व निर्दलीय विधायकों की खरीद फरोख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। अत: इस संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर अनुसंधान किया जाना उचित रहेगा।

    बता दें कि विजय कुमार पुलिस निरीक्षक प्रभारी वाइस लॉगर अनुभाग, एसओजी की इस रिपोर्ट पर एसओजी ने दस जुलाई 2020 की शाम को 47 नंबर की एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच हरिप्रसाद सोमानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एटीएस जयपुर को सौंपी गई है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+