Rajasthan में सरदार शहर सीट पर चल रहा मतदान, जाट मतदाताओं की लामबंदी ने बढाई कांग्रेस भाजपा की मुश्किलें
राजस्थान में सरदार शहर सीट पर विधायक के लिए मतदान जारी है। कांग्रेस के विधायक भंवर लाल शर्मा के निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है। रालोपा ने जाट मतदाताओं को लामबंद कर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है।

Rajasthan की सरदारशहर विधानसभा सीट पर मतदान चल रहा है। कांग्रेस के विधायक भंवरलाल शर्मा का निधन होने के बाद यह सीट रिक्त हुई थी। इस सीट को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों पूरा दमखम लगा रही है। मतदान के एक दिन पहले तक रविवार रात तक प्रत्याशियों का घर-घर प्रचार का दौर जारी रहा। उपचुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा की स्पष्ट रणनीति भी सामने आ रही है। कांग्रेस अब तक उपचुनाव में खेले गए अपने सहानुभूति कार्ड के भरोसे हैं। वहीं भाजपा बूथ मैनेजमेंट के भरोसे है। इस सीट पर जाट मतदाताओं के लामबंद होने से कांग्रेस और भाजपा की राह मुश्किल हो गई है। मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में इस सीट पर चौंकाने वाले परिणाम भी आ सकते हैं। कांग्रेस ने इस सीट पर दिवंगत विधायक भंवरलाल शर्मा के बेटे अनिल शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं भाजपा ने पुराने चेहरे अशोक पिंचा पर दांव चेला है। रालोपा ने डेयरी की राजनीति में बड़ा नाम रहे लालचंद मूंड को मैदान में उतारकर मुकाबला दिलचस्प बना दिया है।
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उपचुनाव में कांग्रेस भारी
राजस्थान में 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद से अब तक 3 साल में 7 सीटों पर उपचुनाव हुए हैं। चुनावों में कांग्रेस का पलड़ा भारी रहा है। सात में से पांच सीटों पर विपक्षी दल भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है। कांग्रेस से मंडावा और धरियावद सीट भाजपा से छिनी है तो दूसरी तरफ सुजानगढ़, सहाड़ा, वल्लभनगर सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। वहीं भाजपा केवल राजसमंद सीट को बरकरार रख सकी है। खींवसर सीट पर हनुमान बेनीवाल की पार्टी ने अपना कब्जा बरकरार रखा है।

कांग्रेस की परंपरागत सीट
सरदार शहर सीट परंपरागत रुप से कांग्रेस के कब्जे में रही है। आजादी के बाद से अब तक यहां हुए 15 बार चुनाव में कांग्रेस 9 बार अपने विधायक दे चुकी हैं। भंवरलाल शर्मा यहां से चार बार कांग्रेस और दो बार जनता दल के टिकट पर विधायक रहे हैं। वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव में भंवरलाल शर्मा 18,816 वोटों से चुनाव जीते थे। उन्हें 95 हजार 282 वोट मिले थे। जबकि भाजपा के उम्मीदवार अशोक पिंचा को 78,466 वोट मिले थे।

सरकार में है कांग्रेस के 107 विधायक
कोरोना काल में मंत्री और सुजानगढ़ से विधायक मास्टर भंवरलाल, सहाड़ा से कांग्रेस विधायक कैलाश त्रिवेदी, वल्लभनगर से कांग्रेस विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत, राजसमंद से बीजेपी विधायक किरण माहेश्वरी और धरियावद से बीजेपी विधायक गौतम लाल मीणा का निधन होने से इन सीटों पर उपचुनाव हुए थे। वही मंडावा से भाजपा विधायक नरेंद्र कुमार और खींवसर से रालोपा विधायक हनुमान बेनीवाल के सांसद बनने के बाद यहां उपचुनाव हुए थे। राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा में इस समय कांग्रेस के 107 भारतीय जनता पार्टी के 71 और 13 निर्दलीय विधायक है। एक सीट खाली है। जबकि बाकी सीटें अन्य दलों के पास है।












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