इसलिए जलालत भरा लगता है गहलोत के खेल मंत्री अशोक चांदना को मंत्री पद, जानिए पूरी वजह
जयपुर, 13 सितम्बर। राजस्थान के खेल मंत्री अशोक चांदना को सोमवार को अपने ही गुर्जर समाज के बीच जलालत का सामना करना पड़ा। चांदना पर गुर्जर समाज के नेताओं ने जूते चप्पल उछाले। काले झंडे दिखाए। चांदना के सब्र का बांध एक बार फिर छलक उठा। चांदना ने मंच से ही गुर्जर समाज को कह दिया मैंने तुम जैसे बहुत देखे हैं। इसके बावजूद चांदना की आत्मग्लानि शांत नहीं हुई तो उन्होंने ट्वीट कर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को खुलेआम धमकी दे डाली। चांदना ने लिखा कि "मुझ पर जूता फकवाकर सचिन पायलट यदि मुख्यमंत्री बने तो जल्दी से बन जाए। क्योंकि आज मेरा लड़ने का मन नहीं है। जिस दिन मैं लड़ने पर आ गया तो फिर एक ही बचेगा और यह मैं चाहता नहीं हूँ।' उनके इस ट्वीट के बाद प्रदेश में सियासी बवाल हो गया। गुर्जर समाज के लोग चांदना पर और भड़क गए।

सीएम से मांगी जलालत भरे पद से मुक्ति
तकरीबन तीन महीने पहले राजस्थान के खेल मंत्री अशोक चांदना ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ट्वीट कर खुद के पद को जलालत भरा बताते हुए इससे मुक्ति मांगी थी। अशोक चांदना ने ट्वीट कर लिखा था कि 'माननीय मुख्यमंत्री जी मेरा आपसे व्यक्तिगत अनुरोध है कि मुझे इस जलालत भरे मंत्री पद से मुक्त कर मेरे सभी विभागों का चार्ज श्री कुलदीप राका जी को दे दिया जाए। क्योंकि वैसे भी वही सभी विभागों के मंत्री हैं धन्यवाद।' उनके इस बयान के बाद प्रदेश में सियासी पारा चढ़ गया था। मीडिया रिपोर्ट्स में गहलोत सरकार की जमकर घेराबंदी हुई थी। मुख्यमंत्री गहलोत ने इसे चांदना पर विभाग के कामकाज के दबाव का असर बताया था।
ट्वीटर पर भिड़े राठौड़ चांदना
पुष्कर में सोमवार को हुए घटनाक्रम के बाद अशोक चांदना ने ट्वीट कर उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ पर निशाना साधा। चांदना ने ट्वीट कर लिखा कि 'आज एक अद्भुत नजारा देखने को मिला 72 शहीदों को मारने के आदेश देने वाले तत्कालीन मंत्री मंडल सदस्य राजेंद्र राठौड़ साहब के मंच पर आने पर तालियां बजी और जिनके परिवार के लोग आंदोलन में जेल गए। उन पर जूते फेंके गए इसके बाद उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ चांदना पर भड़क गए। दोनों नेताओं के बीच ट्विटर पर काफी देर तक संग्राम चलता रहा। राठौड़ ने चांदना पर एक के बाद एक ट्वीट किए। राठौड़ ने लिखा कि 'दूसरों पर तोहमत लगाने वाले पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखो। आखिर हुजूर यह हालत क्यों बनी। दूसरों की पक्की हुई फसल को काटकर अगर अपने खेत में ले जाओगे तो परिणाम ऐसे ही निकलेंगे। अभी तो आगे आगे देखो होता है क्या।'












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