REET Rajasthan : शिक्षा संकुल से सब ट्रेजरी भेजने के दौरान लीक हुआ रीट पेपर, वकील ने बीवी के लिए खरीदा
जयपुर, 5 फरवरी। राजस्थान के रीट पेपर लीक प्रकरण में धांधली की परत दर परत खुलती जा रही है। पेपर लीक करवाने वाले भी गिरफ़्त में आ रहे हैं। उनसे पूछताछ में नित नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। ताजा खुलासा यह हुआ है कि रीट का पेपर शिक्षा संकुल जयपुर से सब ट्रेजरी को भेजने के दौरान गायब हुआ था। वहीं, बाड़मेर के एक एडवोकेट ने अपनी पत्नी के लिए रीट पेपर खरीदा और फिर उसे दलालों को बेचा भी।

24 सितम्बर को लीक हुआ रीट पेपर
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक 26 सितम्बर को राजस्थान में आयोजित रीट 2021 की परीक्षा से दो दिन पहले यानी 24 सितम्बर को ही पेपर लीक हो गया था। जांच में सामने आया कि रीट पेपर 24 सितम्बर को शिक्षा संकुल स्थित स्ट्रांग रूम से जिले की सब ट्रेजरी भेजते समय मास्टर माइंड रामकृपाल मीणाने पेपर आउट कर दिया था। यह सब जयपुर कोऑर्डिनेशटर प्रदीप पाराशर व डीईओ रविंद्र फौजदार की मौजदूगी में हुआ।

बंद कमरों में हल किया रीट पेपर
इधर, बाड़मेर की एडवोकेट मनोज बिश्नोई ने अपनी पत्नी कके रीट पेपर खरीदा था। उस पेपर को भजनलाल सहित अन्य दलालों को बेचा भी। इसके बाद दलालों ने रिश्तेदारों, नजदीकी लोगों को बेच दिया। इस तरह से एक के बाद एक करके बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों तक रीट का पेपर पहुंच गया। इसके लिए आठ-दस लोगों के ग्रुप बनाए गए। बंद कमरों में पेपर हल करके याद करवाया गया। एसओजी पिछले चार पांच दिन से मनोज समेत अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

लेक्चरर उदाराम विश्नोई निलंबित
राजस्थान रीट पेपर आउट केस में ठेकेदार भजनलाल व अभ्यर्थी सोहनी देवी रिमांड पर हैं। एसओजी इनसे पूछताछ कर रही है। उधर, माध्यमिक शिक्षा निदेशक कानाराम ने शुक्रवार को पेपर लीक के आरोपी लेक्चरर उदाराम विश्नोई को निलंबित कर दिया।

पेपर के स्ट्रांग रूम में दो लॉक थे
दरअसल, शिक्षा संकुल में रखे गए पेपर के स्ट्रांग रूम में दो लॉक थे। एक चाबी डिप्टी कोऑर्डिनेशटर बीएस बैरवा और दूसरी चाबी डीईओ रविंद फौजदार के पास थी। कोऑर्डिनेशटर प्रदीप पाराशर ने स्ट्रांग रूम का लॉक खुलवाकर बीएस बैरवा को दूसरे काम भेज दिया। इसके बाद रामकृपाल ने रीट पेपर निकाले।

एसओजी पाराशर को अरेस्ट कर चुकी
पूरे मामले में एसओजी पाराशर को अरेस्ट कर चुकी है। साथ ही लापरवाही बरतने के आरोप में बैरवा निलंबित है। डीईओ फौजदार को एसओजी ने पूछताछ के लिए बुलाया था। लंबी पूछताछ के बाद एसओजी टीम दो दिन पहले डीईओ कार्यालय भी पहुंची थी।

सांचौर व बाड़मेर जाएंगे एडीजी
इधर, डीईओ फौजदार ने एसओजी पूछताछ में बताया कि उसका रीट पेपर के स्ट्रॉंग रूम से कोई लेना-देना नहीं है। उसका जिम्मा सिर्फ परीक्षा आयोजित करवाना था। वह तो रामकृपाल को भी नहीं जानता। खबर है कि एडीजी अशोक राठौड़ शनिवार को सांचौर व बाड़मेर जा सकते हैं, क्योंकि इन दोनों के अभ्यर्थियों के पास रीट का पेपर पहुंचा था। यहां से कुछ संदिग्धों को भी पकड़ा था।












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