Rajasthan News: प्रदेश में राइट टू हेल्थ बिल को लेकर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, सीएम गहलोत ने कही यह बात
राजस्थान में राइट टू हेल्थ बिल को लेकर चल रही प्राइवेट डॉक्टर्स की हड़ताल समाप्त हो गई। सीएम गहलोत ने कहा है कि राज्य सरकार और डॉक्टर स्वास्थ्य के अधिकार बिल पर आम सहमति पर पहुंच गए हैं।

Rajasthan News: राजस्थान में राइट टू हेल्थ बिल को लेकर चल रही प्राइवेट डॉक्टर्स की हड़ताल समाप्त हो गई है। सरकार और डॉक्टर्स के बीच 10 घंटे चली वार्ता के बाद गतिरोध टूट गया है। सरकार ने डॉक्टर्स की सारी मांगे मान ली है। इसके तहत 8 बिंदुओं पर सहमति बनी है। सरकार से वार्ता के बाद प्राइवेट हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम सोसायटी के सचिव डॉ विजय कपूर ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर हड़ताल खत्म करने का ऐलान कर दिया है। राइट टू हेल्थ बिल को लेकर हड़ताल पर चल रहे डॉक्टरों द्वारा वापस काम पर लौटने पर सीएम गहलोत ने कहा है कि राजस्थान सरकार और डॉक्टर स्वास्थ्य के अधिकार बिल पर आम सहमति पर पहुंच गए हैं। सीएम गहलोत ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है। सीएम गहलोत ने लिखा कि 'मुझे प्रसन्नता है कि राइट टू हेल्थ पर सरकार व डॉक्टर्स के बीच अंततः सहमति बनी एवं राजस्थान राइट टू हेल्थ लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। मुझे आशा है कि आगे भी डॉक्टर-पेशेंट रिलेशनशिप पूर्ववत यथावत रहेगी।'
राइट टू हेल्थ बिल को लेकर हड़ताल
राजस्थान में राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में डॉक्टर्स 18 मार्च से हड़ताल पर थे। इस मामले को लेकर सरकार और डॉक्टर के बीच दो चरणों में 10 घंटे तक वार्ता चली। आखिरकार 8 बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद प्राइवेट हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम सोसायटी के सचिव डॉ विजय कपूर ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर हड़ताल समाप्त करने का ऐलान कर दिया है।
क्या है राइट टू हेल्थ बिल
राइट टू हेल्थ बिल के जरिए आम नागरिक को स्वास्थ्य का अधिकार देने का प्रयास है। इसके लागू होने के बाद कोई भी डॉक्टर और अस्पताल इलाज के लिए मरीज को इनकार नहीं कर सकेंगे। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के पास यदि पैसा नहीं है या उनके पास चिरंजीवी बीमा नहीं है तो राज्य सरकार इसका पैसा भुगतान करेगी। राइट टू हेल्थ बिल सितंबर 2022 में विधानसभा में पेश किया गया। लेकिन पारित नहीं हो सका था। बजट सत्र के यह बिल विधानसभा में पारित हो गया।












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