Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Rajasthan News: राजस्थान में चहेतों को पद बांट रहे सीपी जोशी और ओम बिड़ला, पार्टी में तोड़फोड़ से बढ़ी गुटबाजी

Rajasthan News: राजस्थान में कुछ महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश के दोनों प्रमुख दलों ने चुनाव को लेकर रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी बीच भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने संगठन में भारी तोड़-फोड़ की है। इससे पार्टी के लिए लंबे समय से काम कर रहे निष्ठावान नेताओं में नाराजगी और गुटबाजी बढ़ी है। भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के चहेते प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने राजस्थान में चुनाव से ठीक तीन महीने पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया द्वारा नियुक्त जिलाध्यक्षों और सोशल मीडिया की टीम में बड़े बदलाव किए हैं। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने अपने कार्यकाल में कड़ी मेहनत कर प्रदेश में नए जिलाध्यक्ष तैयार किए। पार्टी के जिलाध्यक्ष संगठन को मजबूत करने में जुटे थे। इसी बीच पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने फरमान जारी कर नए जिलाध्यक्ष नियुक्त कर दिए। सूत्र कहते हैं कि इससे पार्टी में भारी गुटबाजी हो गई है। चुनाव से ठीक पहले पार्टी नेताओं में बैचेनी बढ़ गई है।

इन जगहों पर बदले गए जिलाध्यक्ष

राजस्थान में पिछले दिनों आठ नए जिलाध्यक्षों की सूची जारी की गई। इससे पहले भी जुलाई में एक सूची जारी कर नए जिलाध्यक्ष नियुक्त किए गए। पार्टी द्वारा जारी सूची में जयपुर उत्तर और दक्षिण के जिलाध्यक्ष भी बदल दिए गए। इसके अलावा चूरू, सीकर, धौलपुर, बांसवाड़ा, नागौर शहर, कोटा देहात, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, भीलवाड़ा, सिरोही और चित्तौड़गढ़ में जिलाध्यक्ष बदले गए हैं। हाल ही में बारां में जिलाध्यक्ष संजीव भारद्वाज को बनाए जाने की चर्चा है। चर्चा है कि भारद्वाज ओम बिड़ला के गुट से आते हैं। हालांकि अभी इस बारे में कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। लेकिन भारद्वाज का दावा है कि उन्हें पार्टी कार्यालय से फोन कर इसकी सूचना दी गई है। राजनीति के जानकार बताते हैं कि ऐसे ही प्रदेश की सोशल मीडिया टीम में भी बदलाव किए गए हैं। जानकार कहते हैं कि चुनाव से पहले ऐसे फैसलों से पार्टी कार्यकर्ताओं में निराशा बढ़ी है।

om birla

राजस्थान में गुटबाजी चरम पर

राजस्थान में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं। भाजपा के भीतर गुटबाजी बढ़ती जा रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश नेतृत्व से जुड़े नेताओं द्वारा पार्टी की विचारधारा से इतर अपने निजी कार्यालय खोलकर रणनीति बनाई जा रही है। बंद कमरों से राजनीति की जा रही है। इससे विधानसभा चुनाव में पार्टी को बड़े पैमाने पर नुकसान होने की पूरी संभावना है। वहीं पार्टी ने जिलाध्यक्ष की नियुक्ति के नाम पर जिन नेताओं की किनाराकशी की है। उससे पार्टी में मतभेद और बढ़ेंगे। आपको बता दें राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा के भीतर भारी गुटबाजी है। प्रदेश में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस गुटबाजी के चलते भाजपा लगातार पिछड़ती जा रही है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+