राजस्थान: प्रदेश में स्टार्टअप को बढ़ावा देगी गहलोत सरकार, बिना टेंडर मिल सकेंगे 25 लाख रुपए तक के कार्य
राजस्थान सरकार द्वारा स्टार्टअप्स को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं। सीएम गहलोत ने स्टार्टअप्स के प्रोत्साहन के लिए राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता नियम 2013 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है।

राजस्थान में गहलोत सरकार द्वारा स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा स्टार्टअप्स से बिना टेंडर खरीद (Procurment) की सीमा को 15 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दिया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता नियम 2013 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है।
अब एक साल में मिल सकेंगे 6 कार्यादेश
राजस्थान स्टार्टअप पॉलिसी 2022 में स्टार्टअप को एक वित्तीय वर्ष में दिये जाने वाले वर्क ऑर्डर की संख्या को बढ़ाकर अधिकतम 6 किया गया है। इसके अलावा महिला, विशेष योग्यजन, ट्रान्सजेंडर, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के स्टार्टअप्स को एक कार्यादेश अतिरिक्त मिल सकेगा। अब तक स्टार्टअप्स को अधिकतम 3 कार्यादेश ही मिलते थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-24 के बजट में स्टार्टअप्स से बिना टेंडर उपापन की सीमा को बढ़ाकर 25 लाख रुपए करने की घोषणा की थी, जिसकी क्रियान्विति में यह स्वीकृति प्रदान की गई है।












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