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Rajasthan Day 2023: राजस्‍थान दिवस पर जानें 19 रियासतों से लेकर 19 नए जिले बनने तक की पूरी कहानी

Rajasthan Day 2023

30 मार्च 2023 को राजस्‍थान 74 साल का हो जाएगा। इसी दिन 1949 में राजस्‍थान का गठन किया गया था। इस बार राजस्‍थान दिवस विशेष होगा, क्‍योंकि 19 नए जिले व 3 संभाग बनाए जाने से पूरे सूबे का भूगोल बदल गया है। सबसे ज्‍यादा जिलों के लिहाज से देश में यूपी 75 व एमपी 55 के बाद 50 जिलों के साथ राजस्‍थान तीसरे स्‍थान पर आ गया है।

साल 2023 में भौगोलिक दृष्टि से भले राजस्‍थान का नक्‍शा बदल गया हो, मगर शूरवीरों व बलिदान की धरती राजस्‍थान की मिट्टी आज भी 'चंदन' सरीखी है। यहां दिल की झरोखे सी हवेलियां हैं। स्थापत्य कला के बेजोड़ नमूने महल, गढ़ व किले हैं। पानी की बूंद-बूंद सहेजने का संदेश देने वाली बावड़ियां भी पुरखों की याद दिला रही हैं।

राजस्‍थान दिवस की कहानी

राजस्‍थान दिवस की कहानी

राजस्‍थान दिवस की पूरी कहानी 3 जून 1947 से शुरू होती है। तब भारत विभाजन की घोषणा हुई थी। भारतीय स्‍वतंत्रता अधिनियम 1947के 8वें अनुच्‍छेद में देशी रियासतों को सरेंडर का अधिकार दिया गया था कि वे भारत या पाकिस्‍तान जिसमें चाहे मिल सकते हैं।

 रियासतों के स्‍वतंत्र रहने की शर्त

रियासतों के स्‍वतंत्र रहने की शर्त

आजादी से पूर्व राजस्‍थान 19 देशी रियासतों व तीन ठिकानों में विभक्‍त था। भारत विभाजन की घोषणा के बाद 5 जुलाई 1947 से को रियासत सचिवालय की स्‍थापना की गई। अध्‍यक्ष सरदार वल्‍लभ भाई पटेल व सचिव वीपी मेनन को बनाया गया। इन्‍होंने रियासतों के सामने स्‍वतंत्र रहने के लिए दो शर्ते रखीं। एक जनसंख्‍या दस लाख से ज्‍यादा हो और दूसरी ये कि वार्षिक आय एक करोड़ से अधिक हो।

 बड़ी रियासतों का शुरुआत में ही विलय

बड़ी रियासतों का शुरुआत में ही विलय

उस समय राजस्‍थान की कुल 19 देशी रियासतों व तीन ठिकानों में से रियासत सचिवालय की दोनों शर्तें सिर्फ जयपुर, जोधपुर, उदयपुर व बीकानेर रियासत ही पूरी कर पा रही थीं। फिर 15 अगस्‍त 1947 को भारत आजाद हुआ तो डूंगरपुर, जोधपुर, अलवर, भरतपुर रियासत ने भारत-पाकिस्‍तान में से किसी के साथ नहीं मिलकर आजाद रहने का फैसला किया। जबकि बीकानेर, कोटा, उदयपुर जैसी बड़ी रियासत भारत में विलय हो गईं।

 सात चरणों में हुआ राजस्‍थान का एकीकरण

सात चरणों में हुआ राजस्‍थान का एकीकरण

आजादी के बाद भी राजस्‍थान रियासतों में बंटा हुआ था। सात चरणों में सभी रियासतों का एकीकरण किया है। राजस्‍थान के एकीकरण का कार्य 1948 से 1956 तक चला। 19 रियासतों व 3 ठिकानों को सात चरणों (मत्‍स्‍य संघ, राजस्‍थान संघ, संयुक्‍त राजस्‍थान, वृहत राजस्‍थान, संयुक्‍त वृहत राजस्‍थान, वर्तमान राजस्‍थान व राजस्‍थान पुनर्गठन ) में मिलाकर 30 मार्च 1949 को राज्‍स्‍थान का गठन किया गया। इसी दिन को राजस्‍थान दिवस के रूप में मनाया जाता है। राजस्‍थान के एकीकरण में कुल आठ साल 7 माह 14 दिन का समय लगा।

राजस्थान के प्रतीक चिन्ह

राजस्थान के प्रतीक चिन्ह

  • पुष्प रोहिडा
  • राज्य वृक्ष खेजड़ी पेड़
  • राज्य पक्षी गोडावण पक्षी
  • राज्य नृत्य घूमर
  • राज्य खेल बास्केटबॉल
  • राज्य पशु चिंकारा तथा ऊंट
राजस्‍थान के बारे में रोचक फैक्‍ट

राजस्‍थान के बारे में रोचक फैक्‍ट

  • 1. 342,239 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के लिहाज से राजस्‍थान भारत का सबसे बड़ा राज्‍य है।
  • 2. राजस्‍थान के भू-भाग का 60 फीसदी हिस्‍सा थार मरुस्‍थल में स्थित है। थार भारत का सबसे बड़ा रेगिस्‍तान भी है।
  • 3. रावण का ससुराल राजस्‍थान में है। कहा जाता है कि रावण की पत्‍नी मंदोदरी राजस्‍थान के जोधपुर के मंडोर की रहने वाली थी।
  • 4. दुनिया में ब्रह्मा जी का एकमात्र मंदिर राजस्‍थान के अजमेर जिले के पुष्‍कर में स्थित है।
  • 5. राजस्‍थान आबादी के लिहाज से भारत का सातवां सबसे बड़ा राज्‍य है।

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