राजस्थान: प्रदेश में नए जिले बनाने पर बोले सीएम गहलोत, कहा "अधूरी आई है रिपोर्ट,पूरी आते ही बनाएंगे नए जिले"
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में नए बनने वाले जिलों के लिए कमेटी का गठन किया गया है। जिसकी पूरी रिपोर्ट नहीं आई है। अभी अधूरी रिपोर्ट आई है। पूरी रिपोर्ट आने के बाद इसका निर्णय लिया जाएगा।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में नए बनने वाले जिलों के लिए कमेटी का गठन किया गया है। जिसकी पूरी रिपोर्ट नहीं आई है। अभी अधूरी रिपोर्ट आई है। पूरी रिपोर्ट आने के बाद इसका निर्णय लिया जाएगा। अलवर में पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह की बेटी की शादी के समारोह में शामिल होने आए सीएम गहलोत ने बुधवार देर शाम पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि नए जिले बनाने के लिए व्यापक रूप से सर्वे किया जा रहा है। जो कमेटी बनाई गई है। उसकी अभी पूरी रिपोर्ट नहीं आई है। पूरी रिपोर्ट आने के बाद उस पर निर्णय लिया जाएगा।

ईआरसीपी पर उठाए सवाल
प्रदेश के 13 जिलों के लिए ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्र सरकार को निर्णय लेना चाहिए। यह परियोजना पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शुरू की थी। केंद्र सरकार को सोचना चाहिए कि उनकी पार्टी की मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को चालू किया तो उसमें पूरा सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो बार इस संबंध में आश्वासन दिया था। लेकिन वह इस जल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना क्यों घोषित नहीं करते यह समझ से परे हैं। अभी हाल ही में दोसा आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस संबंध में कहना चाहिए था। अगर परियोजना के लिए भले ही 10 हजार करोड़ रुपए आवंटित करते तो कम से कम यह लोगों को पता तो चलता कि प्रधानमंत्री की नियत साफ है। राजस्थान के साथ न्याय कर रहे हैं।
बजट में आमजन को महंगाई से राहत देने की कोशिश
रिफाइनरी के सवाल पर भी उन्होंने कहा कि राजस्थान के बाड़मेर में लगने वाली रिफाइनरी को बंद कर दिया गया था। लेकिन जब चुनाव आए तो खुद प्रधानमंत्री को आना पड़ा और इसे शुरू करना पड़ा। महंगाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो वर्तमान में राजस्थान सरकार ने बजट पेश किया है। वह महंगाई की मार से परेशान तबके के लिए महत्वपूर्ण है। उन लोगों पर महंगाई का असर कम से कम हो। इसलिए इस बजट में प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि उज्जवला योजना में केंद्र सरकार ने फ्री में कनेक्शन दिए थे। लेकिन सिलेंडर महंगे होने के कारण उज्वला योजना से लाभान्वित परिवार सिलेंडर नहीं खरीद पा रहे हैं। इसलिए बजट में 500 रुपए का सिलेंडर देने का प्रावधान किया गया है। इस बजट में महंगाई का असर कम करने के लिए घोषित किए गए प्रावधानों को लागू करने के लिए भले ही कैंप लगाया जाए। कैंप लगाकर उन्हें लाभ दिया जाएगा। गायों मैं फैली लंपी बीमारी से अकाल मौत का ग्रास बनी गायों के लिए 40 हजार रुपए के मुआवजे का प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों के लिए कोचिंग निशुल्क कर दी गई है। पहले 15 हजार बच्चों को कोचिंग पढ़ाने का था। अब 30 हजार बच्चों को कोचिंग की सुविधा प्रदान की गई है। इसके अलावा 500 बच्चों को विदेश भेजने का निर्णय लिया गया है। जिसमें आने-जाने और रहने का खर्च सरकार उठाएगी।












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