लॉकडाउन के बीच पुरानी सरकार के फैसले पलटने में जुटी कांग्रेस, अब ये फैसला बदला
जयपुर। राजस्थान में मौजूदा सरकार पिछले सरकार के फैसले बदल रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा की वसुंधरा राजे सरकार के समय लागू किए गए शिक्षा का अधिकार अधिनियम में RTE की आय सीमा को बदल दिया है। अब आय सीमा फिर से बढ़ाकर ढाई लाख रुपए करने का अहम फैसला लिया है।

वसुंधरा राजे सरकार ने आय सीमा 2.5 लाख से घटाकर 1 लाख रुपए की गई थी, लेकिन अब गहलोत सरकार ने आय सीमा फिर 2.5 लाख करने का अहम फैसला लिया है। गरीब वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कांफ्रेंस के जरिए स्कूल शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा से जुड़े विषयों पर समीक्षा की।
इस दौरान मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं एवं बारहवीं कक्षाओं की शेष परीक्षाएं फिलहाल स्थगित रहेंगी। सीबीएसई द्वारा लिए जाने वाले निर्णय के अनुरूप फैसला किया जाएगा, ताकि दोनों बोर्ड की परीक्षाओं में एकरूपता बनी रहे और प्रदेश के विद्यार्थियों का अहित न हो। इसी प्रकार उच्च एवं तकनीकी शिक्षा में भी परीक्षाओं का आयोजन स्थितियां सामान्य होने पर करवाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री गहलोत ने लिपिक ग्रेड द्वितीय भर्ती परीक्षा-2018 के अभ्यर्थियों को जिला एवं विभागों का आवंटन पुनः नई प्रक्रिया से करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सभी विभागों को मेरिट के आधार पर उनकी आवश्यकता के अनुरूप चयनित अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध कराएं। उसके बाद संबंधित विभाग मेरिट एवं काउंसलिंग के आधार पर उन्हें जिला आवंटित करें। सीएम ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि भविष्य में सभी भर्तियों में प्रथम नियुक्ति सभी विभागों द्वारा मेरिट एवं काउंसलिंग के आधार पर ही दी जाए।












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