स्टाम्प पर बेटियां बेचे जाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का राजस्थान सरकार को नोटिस
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में कथित रूप से स्टाम्प पर बेटियां बेचे जाने का मामला सुर्खियों में है। इस पर न केवल राष्ट्रीय मानावाधिकार आयोग ने राजस्थान की अशोक की अशोक गहलोत सरकार को नोटिस दिया है बल्कि राज्य महिला आयोग ने भी इसे गंभीरता से लिया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राजस्थान सरकार से इस तरह के अपराधों में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। साथ ही राजस्थान की ग्राम पंचायतों में काम करने के तरीकों की भी जानकारी चाही है। पूरे मामले की जांच के लिए दो राष्ट्रीय महिला आयोग ने दो सदस्यीय कमेटी गठित की है।

इधर, भीलवाड़ा जिला कलेक्टर और एसपी को राजस्थान राज्य महिला आयोग के सदस्य की ओर से लिखा गया है कि आयोग अध्यक्ष रेहाना रियाज चिश्ती के निर्देशानुसार विभिन्न समाचार पत्रों जरिए प्रकरण सामने आया है कि भीलवाड़ा में स्टाम्प पेपर पर बेची जा रही है। मना करने पर मां से दुष्कर्म किया जा रहा है। प्रकरण को आयोग ने गंभीरता से लिया है। इसमें अविलम्ब कार्रवाई की जाए। पूरे प्रकरण की तथ्यात्मक रिपोर्ट से आयोग को सात दिन में अवगत करवाएं।

बता दें कि इस मामले में भाजपा भी राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर हमलावर हो गई है। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कांग्रेस पार्टी का नारा तो है, लड़की हूं लड़ सकती हूं का, लेकिन हकीकत राजस्थान में देखें। जहां बहन बेटियों की खुलेआम नीलामी चल रही है। कांग्रेस के कुशासन से तंग आकर अब राजस्थान की बेटियां कह रही हैं, लड़की हूं बच सकती हूं, तभी तो राजस्थान में रह सकती हूं।
इस मामले में राजस्थान सीएम अशोक गहलोत का भी बयान आया है। सीएम अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस तरह का मामला सामने आने पर हर पहलू की जांच करवाई जा रही है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।












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