Rajasthan के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने हिमाचल में जीत के बहाने साधा अशोक गहलोत पर निशाना, जानिए वजह

राजस्थान में हिमाचल और गुजरात चुनाव परिणामों को लेकर अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं. इन दोनों प्रदेशों के चुनाव परिणामों का असर राजस्थान की राजनीति में देखने को मिलेगा।

sachin pilot

Rajasthan के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव परिणाम के बहाने एक बार फिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा है। सचिन पायलट ने हिमाचल में आए नतीजों को लेकर एक चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि हिमाचल में हमारी जीत ने भाजपा को आईना दिखाया है। यह साबित किया है कि कांग्रेस उत्तर भारत में भी चुनाव जीत सकती है। पायलट ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्पष्ट बहुमत की सरकार आई है। हम अपने सभी चुनावी वादों को पूरा करने का काम करेंगे। प्रदेश में अगले 5 सालों के लिए स्थिर सरकार देंगे। पायलट ने कहा कि हिमाचल चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस की जीत का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि हमने हिमाचल में जीत दर्ज की है। हम अगले साल कर्नाटक में भी जीत दर्ज करेंगे। इसके बाद राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी हम जीतेंगे। सचिन पायलट के इस बयान को राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से चल रहे उनके सीएम पद की कुर्सी के विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। राजस्थान में हिमाचल और गुजरात चुनाव के नतीजों के बाद सचिन पायलट को सीएम बनाए जाने की मांग एक बार फिर तेज हो सकती है।

गुजरात में गहलोत और रघु के नेतृत्व में हुई करारी हार

गुजरात में गहलोत और रघु के नेतृत्व में हुई करारी हार

गुजरात विधानसभा चुनाव परिणाम में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुजरात चुनाव में वरिष्ठ पर्यवेक्षक थे। राजस्थान के पूर्व मंत्री रघु शर्मा गुजरात कांग्रेस के प्रभारी थे। इनके नेतृत्व में गुजरात में कांग्रेस की इतनी बुरी हार हुई है कि वहां कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष चुनने की स्थिति में नहीं है। गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं। राजस्थान में गहलोत पायलट के बीच सीएम पद को लेकर विवाद है। ऐसे में हिमाचल और गुजरात के विधानसभा चुनाव परिणाम को राजस्थान के इन दिग्गज नेताओं के विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने सचिन पायलट थे पर्यवेक्षक

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने सचिन पायलट थे पर्यवेक्षक

हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव में राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट कांग्रेस द्वारा पर्यवेक्षक लगाए गए थे। सचिन ने प्रियंका गांधी के साथ चुनाव प्रचार किया था। पायलट ने हिमाचल में दौरा कर कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील भी की थी। हिमाचल प्रदेश में भाजपा को शिकस्त देते हुए कांग्रेस ने अपनी जीत दर्ज की है। राजस्थान में आने वाले समय में कांग्रेस की इस जीत का असर भी देखने को मिलेगा। प्रदेश में हिमाचल की जीत से पायलट समर्थकों में उत्साह है। राजस्थान में सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग एक बार फिर तेज हो सकती है।

कोटा में धारीवाल को लेकर सामने आई कांग्रेस हाईकमान की नाराजगी

कोटा में धारीवाल को लेकर सामने आई कांग्रेस हाईकमान की नाराजगी

राजस्थान में 25 सितंबर को हुए सियासी घटनाक्रम के बाद कांग्रेस हाईकमान गहलोत समर्थक नेताओं से नाराज चल रहा है। इसकी बानगी राजस्थान के कोटा में भारत जोड़ो यात्रा में दिखाई दी। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मंत्री शांति धारीवाल और उनके बेटे अमित धारीवाल ने राहुल गांधी के करीब जाने की कोशिश की। राहुल के गार्ड्स ने पिता-पुत्र दोनों को रोक लिया। कोटा के कांग्रेस नेताओं ने इसे आम घटना करार दिया है। लेकिन प्रदेश की सियासत में संदेश यह गया है कि राहुल गांधी ऐसे नेता को अपने करीब नहीं आने दे रहे। जिन पर पार्टी के द्वारा अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए हो। सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा भी है।

गहलोत ने हिमाचल में जीत के लिए दिया ओपीएस को श्रेय

गहलोत ने हिमाचल में जीत के लिए दिया ओपीएस को श्रेय

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत का श्रेय ओपीएस के मुद्दे को दिया है। सीएम गहलोत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हिमाचल में ओपीएस का मुद्दा चला है और हम चुनाव जीत गए हैं। इससे साफ है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हिमाचल में कांग्रेस की जीत भी अपने खाते में ही दर्ज करवाना चाह रहे हैं। इस बयान के जरिए गहलोत ने यह संदेश दिया है कि राजस्थान में लागू उनकी योजनाओं के दम पर ही कांग्रेस ने हिमाचल में जीत दर्ज की है।

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