Coldest Place of Rajasthan : सीकर का फतेहपुर ही राजस्थान में सबसे ठंडा क्यों? जानिए असली वजह
नए थर्मामीटर ने तोड़ा 30 साल का रिकॉर्ड, राजस्थान में फतेहपुर सबसे ठंडा क्यों? जानिए असली वजह
जयपुर, 20 दिसम्बर। राजस्थान में खून जमा देने वाली ठंड का जिक्र होते जेहन में कभी चूरू का नाम आया करता था, मगर अब coldest place of rajasthan के मामले में फतेहपुर शेखावाटी बाजी मार रहा है। यहां 19 दिसम्बर को न्यूनतम तापमान माइनस 5.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है, जो बीते 30 साल में दिसम्बर माह में सबसे कम तापमान है। फतेहपुर शेखावाटी बर्फवाटी बनने, यहां कड़ाके की ठंड पड़ने और सुबह-सुबह कश्मीर जैसे नजारे दिखने पर हर किसी के जेहन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर फतेहपुर में सर्वाधिक सर्दी क्यों पड़ती है?
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फतेहपुर सीकर की सर्दी की वजह
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा, कृषि अनुसंधान केंद्र फतेहपुर के क्षेत्रीय निदेशक शीशराम ढाका और चूरू के लोहिया कॉलेज में भूगोल के व्याख्याता डॉ. रविन्द्र कुमार बुडानिया ने फतेहपुर में सबसे अधिक सर्दी पड़ने की कई वजह बताई हैं।

चूरू व फतेहपुर के तापमान में एक-दो डिग्री का फर्क संभव
आईएमडी निदेशक राधेश्याम शर्मा कहते हैं कि फतेहपुर (सीकर) और चूरू मौसम केंद्र भले ही अलग-अलग जिलों में स्थित हैं, मगर दोनों की ही आबो-हवा में ज्यादा अंतर है। दोनों एक दूसरे से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। फर्क बस इतना है कि फतेहपुर स्थित मौसम केंद्र खुले हैं और चूरू का मौसम केंद्र के आस-पास घनी आबादी है। इसलिए दोनों के तापमान में एक से दो डिग्री का अंतर आ जाता है।

खुले में है फतेहपुर मौसम केंद्र
कृषि अनुसंधान केंद्र फतेहपुर के क्षेत्रीय निदेशक शीशराम ढाका भी आईएमडी निदेशक शर्मा की बात से इत्तेफाक रखते हुए कहते हैं कि फतेहपुर में मौसम केंद्र लक्ष्मणगढ़ रोड पर गांव हरसावा से दो किलोमीटर पहले है। फतेहपुर उपखंड मुख्यालय से यह जगह करीब पांच किमी दूर है। इसके आस-पास कोई घर नहीं है। चूरू व फतेहपुर के तापमान में अंतर की इस वजह से इनकार नहीं किया जा सकता।

फतेहपुर में 1991 से रिकॉर्ड हो रहा तापमान
ढाका कहते हैं कि फतेहपुर में लगातार सर्दी सितम ढहाने पर हाल ही जयपुर से मौसम केंद्र की एक टीम ने दौरा भी किया था, जो यह पता लगाने आई थी कि आखिर राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर शेखावाटी में इतनी अधिक सर्दी क्यों पड़ती है। टीम ने यहां नया थर्मामीटर भी लगाया है। 14 दिसम्बर को नया थर्मामीटर लगाते ही उसमें न्यूनतम तापमान माइनस 5.2 रिकॉर्ड हुआ है, जो यहां 1991 में तापमान के रिकॉर्ड करने के बाद दिसम्बर में सबसे कम है।

फतेहपुर शेखावाटी की सर्दी की केमिस्ट्री यहां की भूगोल में
चूरू के लोहिया कॉलेज में भूगोल के व्याख्याता डॉ. रविन्द्र कुमार बुडानिया मानते हैं कि फतेहपुर शेखावाटी की सर्दी की पूरी केमिस्ट्री यहां की भूगोल में छिपी है। साथ ही इसके लिए मौसम में वैश्विक बदलाव भी जिम्मेदार हैं। राजस्थान के इस हिस्से की देशांतरीय स्थिति ऐसी है कि उत्तर भारत के कश्मीर, शिमला व मनाली आदि में बर्फबारी का सीधा असर यहां पड़ता है।

पंजाब-हरियाणा में इसलिए कम सर्दी
बुडानिया के अनुसार यूं तो कश्मीर, शिमला व मनाली से ठंडी हवाएं चूरू व फतेहपुर तक पहुंचती हैं तो रास्ते पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ पड़ता है। ये क्षेत्र नहरी हैं जबकि चूरू व फतेहपुर में सिंचाई कम होती है। ऐसे में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ में कोहरा आकर रह जाता है और चूरू व फतेहपुर में कड़ाके की ठंड पड़ती है।

उत्तरी गोलार्द्ध में समय से पहले सर्दी
डॉ. रविन्द्र कुमार बुडानिया कहते हैं कि फतेहपुर व चूरू में अधिक सर्दी पड़ने की एक वजह मौसम में वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलाव भी हैं। उत्तरी गोलार्द्ध में समय से पहले सर्दी आ रही है। यही वजह है कि यूरोप व एशिया के कई देशों में सर्दी का असर बढ़ा है।

किसानों को सलाह
कृषि अनुसंधान केंद्र फतेहपुर के क्षेत्रीय निदेशक शीशराम ढाका कहते हैं कि सर्दी के सितम को देखते हुए किसानों को कई सलाह दी है।
-खेत में शाम को हल्की सिंचाई करनी चाहिए।
-पाळा पड़ने की आशंका हो तो रात को धुंआ करें।
-फलदार पौधों को ढककर रखें।
-सल्फ्यूरिक एसिड का छिड़काव करना चाहिए।
-खेत की मेड़ में उत्तरी-पश्चिमी दिशा में पौधे लगाने चाहिए।

48 घंटे के दौरान न्यूतनतम तापमान
शहर न्यूनतम तापमान
फतेहपुर -5.2
माउंट आबू-1
जोबनेर (जयपुर)-2
चूरू -2.6
नागौर 0.2
हनुमानगढ़ 1.8
सीकर 2.5
भीलवाड़ा 0












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