Congress अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दी नेताओं को बयानबाजी से बचने की चेतावनी, इन नेताओं पर साधा निशाना
Congress नेताओं की एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी के बीच पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने उनसे ऐसी बयानबाजी से बचने की चेतावनी दी है। डोटासरा ने बिना नाम लिए मंत्री राजेंद्र गुढ़ा और प्रताप सिंह खाचरियावास को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर चुनाव जीतकर आया है। चाहे वह मंत्री हो या विधायक हो या फिर कांग्रेस का पदाधिकारी उन सबको कांग्रेस पार्टी की गरिमा का विशेष रूप से ख्याल रखना चाहिए। जिसने उनको मान सम्मान एवं पद दिया है। डोटासरा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखने वाले लोग पार्टी को कमजोर करने वाला कोई बयान नहीं दें। उन्होंने कहा कि पार्टी का विधायक हो या मंत्री या फिर पदाधिकारी उसे अपनी बात उचित मंच पर उठानी चाहिए। डोटासरा ने कहा कि इस तरह की बातों को पार्टी के स्तर पर नोट किया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी से पढ़ रहा है गलत प्रभाव
कांग्रेस के कई नेताओं और मंत्रियों के सार्वजनिक बयानों से कांग्रेस को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दिनों पहले आईएएस अधिकारियों की गोपनीय रिपोर्ट एसीआर को लेकर मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास एवं महेश जोशी आमने-सामने हो गए थे। सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने बीते दिनों कहा था कि राज्य में सत्ता पूरी तरह केंद्रीकृत है। पुलिस कांस्टेबल के तबादले के लिए भी लोगों को मुख्यमंत्री आवास जाना पड़ता है।

पार्टी को कमजोर करने वाले बयान नहीं दें नेता
गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि निश्चित रूप से थोड़ी बहुत बातें जो आ रही है। वह नहीं आनी चाहिए। उनको खुद को सोचना चाहिए। क्योंकि वह खुद भी पार्टी के जिम्मेदार नेता है। अगर कांग्रेस के पदाधिकारी होते हुए मैं पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाला कोई बयान देता हूँ तो जनता एवं पार्टी कार्यकर्ता मुझे माफ नहीं करेंगे। मेरी प्रतिबद्धता है कि मैं कोई भी ऐसा काम नहीं करूंगा। जिससे पार्टी कमजोर हो। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी की विचारधारा में विश्वास रखने वाले उसके लिए काम करने वाले सभी लोगों से आग्रह करूंगा कि वह कांग्रेस पार्टी को कमजोर करने वाला कोई बयान नहीं दें।

पीसीसी चीफ ने दी सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की सलाह
पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में मेरा यह मानना है कि अगर संगठन संबंधी कोई मांग है तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में अपनी बात रखें। मंत्रिमंडल के किसी सदस्य को अपनी बात कहनी है तो मंत्रीमंडल के अंदर अपनी बात कहनी चाहिए। सीएम से संबंधित है तो मुख्यमंत्री से मिलकर करनी चाहिए। अगर विधायक को सरकार से संबंधित कोई बात कहनी है तो मंत्री या मुख्यमंत्री से मिले वरना उसे विधायक दल की बैठक में कहें। उन्होंने कहा कि मीडिया में कोई व्यक्ति कुछ कहता है और अगर उस बात से पार्टी को नुकसान होता है तो मैं समझता हूँ कि यह ठीक नहीं है।












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