राजस्थान में कांग्रेस के विधायक अपनी ही सरकार से नाखुश, मंत्रियों की कार्यशैली से असंतोष
जयपुर, 20 जुलाई। राजस्थान के विधायकों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के विधायकों ने अपनी ही सरकार के मंत्रियों की कार्यशैली पर ऐतराज जताया है। ब्यूरोक्रेसी के साथ ही मंत्रियों के कामकाज को लेकर विधायक नाराज हैं। तबादलों की स्कीम को लेकर भी विधायकों में नाराज़गी है। इसके आलावा मंत्रियों का आम जनता और विधायकों के साथ बर्ताव और काम लटकाकर रखने जैसी शिकायते हैं। खबर है कि राष्ट्रपति चुनाव वाले दिन 40 से ज्यादा विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलकर नाराजगी जाहिर की है। राजस्थान में अगले साल दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं।

काम नहीं होंगे तो चुनाव में कैसे जाएंगे
सीएम से मुलाकात के दौरान कांग्रेस विधायकों ने मंत्रियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे सरकार का नेरेटिव बिगड़ रहा है। चुनाव से पहले जो घोषणा की है वो पूरी होनी करनी होगी। तभी चुनाव में जा पाएंगे। राजस्थान में चुनाव में डेढ़ साल का समय बचा है। बजट से पहले जितने काम हो जाए बेहतर है। आखिरी साल की घोषणाओं का कोई राजनीतिक फायदा नहीं मिलता है। विधायकों ने कहा कि काम करने के लिहाज से आखिरी साल है। इसीलिए हम मंत्रियों और अफसरों के पास जाकर दबाव बना रहे है।

संकट के साथी भी नाराज
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार के संकट मोचक रहे बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक पहले ही सरकार से नाराज चल रहे हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान भी बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों ने अपनी नाराज़गी जताई थी। हाल ही में सैनिक कल्याण बोर्ड राजयमंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कहा था कि यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल का अलाइमेंट बिगड़ा हुआ है। इसे जल्दी ही ठीक करवा दिया जाएगा। भरतपुर के नगर से सत्तारूढ़ दल के विधायक वाजिब अली ने भी अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंत्रियों और ब्यूरोक्रेसी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अनेक विभागों में जनता के काम नहीं हो रहे। ऐसे ही रवैया रहा तो आने वाले चुनाव में इसका नुकसान उठाना पड़ सकता हैं।













Click it and Unblock the Notifications